खबर वर्ल्ड न्यूज-आशीष कंठले-बेमेतरा। भीषण गर्मी को देखते हुए जिले में पेयजल व्यवस्था को लेकर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने पेयजल आपूर्ति को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी की स्थिति नहीं बननी चाहिए। कलेक्टर ने पीएचई विभाग को निर्देशित किया कि जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की यह महती जिम्मेदारी है कि गर्मी के इस दौर में हर घर तक पानी पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुस्तैदी से करें कार्य, शिकायतों का त्वरित निराकरण
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करें तथा पाइपलाइन में लीकेज, हैंडपंप खराब होने या मोटर पंप में समस्या आने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जल संकट वाले क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में गर्मी के दौरान जल स्तर गिरता है, उनकी पूर्व पहचान कर वहां वैकल्पिक व्यवस्थाएं जैसे टैंकर आपूर्ति, अतिरिक्त बोरिंग अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
आमजनों से जल संरक्षण की अपील
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि पानी का समुचित उपयोग करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नल को अनावश्यक खुला न छोड़ें और केवल आवश्यकता अनुसार ही पानी का उपयोग करें। जल संरक्षण केवल प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि यह एक सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है, और आज की बचत ही हमारे कल की प्यास बुझाएगी”, इसलिए सभी नागरिकों को जल संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
जल बचाव के लिए दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल संरक्षण हेतु आवश्यक सुझाव भी दिए गए। इसके तहत पानी के पुनः उपयोग पर जोर देते हुए बताया गया कि वाटर प्यूरीफायर से निकलने वाले वेस्ट पानी का उपयोग पोंछा लगाने, वाहन धोने या पौधों में किया जा सकता है। फल एवं सब्जियां धोने के बाद बचा पानी भी गमलों में उपयोग किया जा सकता है।
इसके साथ ही सार्वजनिक नल या पाइपलाइन में लीकेज दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करने, सड़कों पर अनावश्यक पानी का छिड़काव न करने तथा कूलर में आवश्यकता से अधिक पानी भरकर उसे बहाने से बचने की सलाह दी गई। बैठक में पीएचई विभाग के अधिकारी, नगर पालिका/पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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