खबर वर्ल्ड न्यूज-भिलाई। आनलाइन सट्टा एप महादेव बुक के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित अब तक इस मामले में गिरफ्तार किए गए करीब 120 से अधिक आरोपितों की संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है। नगर निगम, राजस्व विभाग और उप पंजीयक कार्यालय से आरोपितों के नाम की संपत्ति का ब्योरा निकाला जा रहा है। जिन आरोपितों को फरार सूची में डाला गया है, उनकी संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। वहीं बाकी के आरोपितों की संपत्ति की जानकारी लेकर उसे सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।
बता दें कि जब दुर्ग पुलिस ने महादेव बुक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, तब दुर्ग जिले के साथ ही छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों और कई दीगर प्रदेशों से भी महादेव बुक के पैनल को ध्वस्त किया था। लगातार की गई कार्रवाई में पुलिस ने 120 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया था। शुरुआत में राज्य शासन का नया सट्टा एक्ट नहीं बना था, इसलिए पुराने सट्टा एक्ट में कार्रवाई की जाती थी और उसका लाभ भी आरोपितों को मिला।
सट्टा एक्ट में कार्रवाई किए जाने से आरोपितों को थाने से ही मुचलका जमानत पर छोड़ दिया जाता था। कुछ बड़े सटोरियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आइटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई भी की गई थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद जब ईडी जैसी एजेंसियों ने अपनी जांच शुरू की तो पुलिस के चुंगल से बचे हुए कई सटोरियों के नाम सामने आए। कई लोगों के घरों पर ईडी ने जांच की और दुर्ग जिले से एक सिपाही भीम सिंह को सट्टा के मामले में गिरफ्तार भी किया था।
महादेव बुक के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को न्यायालय द्वारा फरार घोषित किए जाने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई में फिर से सक्रियता देखने को मिली है। पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपितों की कुंडली तैयार करनी शुरू की है। आरोपितों के नाम पर पंजीकृत संपत्ति के बारे में राजस्व विभाग, नगर निगम और उप पंजीयक कार्यालय से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

