युवा ऊर्जा को सही दिशा मिले तो बदल सकता है देश का भविष्य: कलेक्टर
नशे और सोशल मीडिया के भटकाव से बचें, लक्ष्य पर रखें अर्जुन जैसी एकाग्रता: डीएफओ
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष पाठक-मुंगेली। युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नशामुक्त भारत अभियान से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय के पंडरिया रोड स्थित साक्षी भवन में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। मेरा युवा भारत एवं दीनबंधु सहयोग संस्था के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलेभर से बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और प्रशिक्षु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार शामिल हुए। उन्होंने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए जीवन में लक्ष्य, अनुशासन, संघर्ष और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला।
कलेक्टर ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि जुनून, समर्पण, अनुशासन और निरंतर संघर्ष से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर केवल लोगों की उपलब्धियां दिखाई देती हैं, लेकिन उन उपलब्धियों के पीछे वर्षों की मेहनत, संघर्ष और त्याग छिपा होता है। इसलिए सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, वर्क इन साइलेंस, लेट योर सक्सेस मेक द नॉइज़ अर्थात बिना शोर किए पूरी निष्ठा और मेहनत से कार्य करें, आपकी सफलता स्वयं आपकी पहचान बनेगी। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया को समय बर्बाद करने का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने, नवाचार और स्वयं को बेहतर बनाने का प्लेटफॉर्म बनाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने कहा कि युवा अपने लक्ष्य बड़े रखें, कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करें और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं के संकल्प, कौशल एवं नेतृत्व से ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत होगी।
डीएफओ ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य पर एकाग्र होकर निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती डिस्ट्रैक्शन (भटकाव) है। इसलिए युवाओं को सोशल मीडिया और अनावश्यक आकर्षणों में समय गंवाने के बजाय स्वयं को निरंतर बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के विचारों से प्रेरणा लेकर अनुशासित जीवन अपनाएं, नशे से दूर रहें और प्रतिदिन छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें पूरा करें। यही सकारात्मक आदतें भविष्य की बड़ी सफलताओं का आधार बनती हैं। उन्होंने शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य एवं सामाजिक दायित्वों के साथ स्वयं को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने की भी प्रेरणा दी। सम्मेलन के दौरान विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही युवाओं को कौशल विकास, रोजगार के अवसर, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नशामुक्त भारत अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


