खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। नक्सली सगंठन के द्वारा प्रतिवर्ष 2 से 8 दिसंबर तक मनाए जाने वाले पीएलजीए सप्ताह का पहला व दूसरा दिन शातिंपूर्ण रहा। लेकिन तीसरे दिन बीजापुर व दंतेवाड़ा जिले की सरहद में नक्सलियों के साथ हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलाें ने 18 नक्सलियाें काे ढेर कर दिया वही तीन जवानों की शहादत के बाद सुरक्षाबलाें को अलर्ट पर रखा गया है। विदित हाे कि पीएलजीए सप्ताह के दाैरान नक्सली इस इलाके में कई दिनाें से डेरा डाले किसी बड़ी वारदात काे अंजाम देने की याेजना बना रहे थे, जिसकी सूचना सुरक्षाबलाें काे मिल गई और नक्सलियाें के नापाक मंसूबे विफल हाे गये।
बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि पीएलजीए सप्ताह के दौरान किसी भी नक्सली वारदात को रोकने के लिए गश्त, सर्च ऑपरेशन और एंटी-नक्सल मूवमेंट चलाया जा रहा हैं। सुरक्षाबलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। अंदरूनी इलाकों पर विशेष निगरानी रखते हुए संदिग्धों की जांच की जा रही है। उन्हाेने नक्सलियों से पुनः अपील करते हुए कहा कि नक्सली संगठन रेत की तरह बिखरने लगा है। बाकी शेष बचे नक्सली कैडर जल्द ही आत्समर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो जाए, नहीं तो सुरक्षाबल के जवानों का सामना करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि इससे पूर्व नक्सलियों के पीएलजीए सप्ताह को देखते हुए जिला मुख्यालयों से अंदरूनी इलाकों में आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाया करता था, लेकिन अब परिस्थिति बदलने लगी है। केन्द्र सरकार के नक्सलवाद के खात्मे के डेडलाइन के बाद सुरक्षाबल एक ओर जहां अंदरूनी इलाकों में ऑपरेशन चलाकर मुठभेड़ में नक्सलियों को ऐर कर रही है, तो दूसरी ओर वरिष्ठ नक्सली कैडर अपने साथियों के साथ समर्पण कर रहे है। नक्सलियों के पीएलजीए सप्ताह को देखते हुए सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया है। जवानों द्वारा सचिंग की जा रही है । इस बार भी नक्सलियों की केन्द्रीय कमेटी ने गांव गांव में पीएलजीए सप्ताह मनाने का एलान करते हुए भारत बंद करने का आव्हान किया है। हालाकिं नक्सलियों के लगातार समर्पण के बीच नक्सलियों की एमएमसी जोन ने पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाने का एलान किया था। लेकिन जिस नक्सली प्रवक्ता अनंत ने पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाने का एलान किया था, उसने आत्मसमर्पण कर दिया।
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