हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में महादेव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। एक महीने में दो बार आने वाले इस व्रत में भक्त सुबह से उपवास रखते हैं और शाम को विधि-विधान से शिव परिवार की पूजा करते हैं। इस बार अक्टूबर महीने का आखिरी प्रदोष व्रत पर तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है। आइए जानते हैं उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से यह प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा, इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और पूजा के दौरान किन नियमों का पालन करना होगा।
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 34 मिनट पर शुरू होगी और 24 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल का विशेष महत्व होता है। इस बार त्रयोदशी तिथि के दौरान प्रदोष काल 23 अक्टूबर को मिल रहा है, इसलिए इसी दिन व्रत रखा जाएगा। वहीं शुभ मुहूर्त शाम 05:44 बजे से रात 08:16 बजे तक रहेगा। इस बीच में आप भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इस दिन ध्रुव योग का भी संयोग बन रहा है।
शुक्र प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
शुक्रवार को पड़ने के कारण इस प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख-समृद्धि आती है। माना जाता है कि यह व्रत शत्रुओं पर विजय दिलाने और जीवन की परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है। विशेष रूप से विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, वैवाहिक सुख और सौभाग्य में वृद्धि की कामना से यह व्रत रखती हैं।
जरूर करें इन नियमों का पालन
प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करके भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिव परिवार का पूजन करें और शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, धूप, दीप आदि अर्पित करें। प्रदोष व्रत की कथा और शिव चालीसा का पाठ करें और पूजा के अंत में (संध्याकाल) भगवान शिव की आरती करें। इसके बाद अपना उपवास खोलें।
Trending
- नगर सैनिकों के लिए खुशखबरी, मानदेय बढ़कर 30,870 प्रतिमाह मिलेगा
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत
- देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर हो रहा आयोजन – केंद्रीय खेल राज्य मंत्री डॉ.खड़से
- सीजी-रेरा की बड़ी कार्रवाई: बिना पंजीकरण प्लॉट बेचने पर ‘सालासार विहार’ के प्रमोटर राजीव सोनी पर 25 लाख का भारी जुर्माना
- बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की सौजन्य भेंट
- सिरपुर हमारी समृद्ध सभ्यता, कला और ज्ञान परंपरा की अनमोल धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- संत रविदास सम्मान के लिए 26 अक्टूबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित


