खबर वर्ल्ड न्यूज़ – प्रिया पाठक, रायपुर। जन्माष्टमी 2026 का पर्व 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ राशि के अनुसार भोग अर्पित करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है।
जन्माष्टमी की रात्रि भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार, पूजन और भोग अर्पित करने के बाद अपनी राशि के अनुसार निम्न सामग्री चढ़ाना शुभ माना गया है।
मेष: लड्डू और अनार का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे रुके हुए कार्य पूर्ण होने में सहायता मिलती है।
वृषभ: रसगुल्ले का भोग अर्पित करें। इससे मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है।
मिथुन: काजू की मिठाई भगवान श्रीकृष्ण को चढ़ाएं। इससे धन लाभ की संभावना बढ़ती है।
कर्क: नारियल की बर्फी और नारियल का भोग लगाएं। इससे पारिवारिक सुख-शांति बढ़ने की मान्यता है।
सिंह: गुड़ और बेल फल का भोग अर्पित करें। इससे व्यवसाय में लाभ मिलने की मान्यता है।
कन्या: तुलसी के पत्ते और हरे फल का भोग लगाएं। इससे आवास संबंधी समस्याओं के समाधान की कामना की जा सकती है।
तुला: कलाकंद और सेब का भोग अर्पित करें। मान्यता है कि इससे जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
वृश्चिक: गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं। इससे लोकप्रियता और मान-सम्मान बढ़ने की मान्यता है।
धनु: बेसन से बनी किसी भी मिठाई का भोग लगाएं। इससे सौभाग्य में वृद्धि की मान्यता है।
मकर: गुलाब जामुन और काले अंगूर चढ़ाएं। इससे न्याय मिलने और समस्याओं से मुक्ति की कामना की जाती है।
कुंभ: पिसा धनिया, शक्कर और चीकू अर्पित करें। इससे जीवन में स्थिरता आने की मान्यता है।
मीन: जलेबी और केले का भोग लगाएं। इससे रुके हुए कार्य शीघ्र पूरे होने की कामना की जाती है।
दूर होगा भय, बढ़ेगा आत्मविश्वास
यदि किसी प्रकार की बाधा या भय आपको चिंतित कर रहा है अथवा आत्मविश्वास की कमी महसूस हो रही है, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को किसी भी अष्टमी तिथि पर काले तिल और चावल अर्पित करें। इसके बाद प्रतिदिन लगभग 6 मिनट श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इससे भय दूर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मानसिक संबल मिलता है।
मंत्र:
“वसुदेव सुतं देवं, कंस चाणूर मर्दनम्।
देवकी परमानन्दं, कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥”


