खबर वर्ल्ड न्यूज़ – रायपुर। त्योहारी सीजन से पहले छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत महज सात दिनों में प्रदेशभर से खाद्य पदार्थों के 376 नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें 184 विधिक और 192 सर्विलांस नमूने शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान करीब 550 किलो एनालॉग पनीर और 225 किलो अन्य खाद्य सामग्री, यानी कुल लगभग 775 किलो सामग्री, मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराई गई। वहीं नियमों का उल्लंघन मिलने पर कई खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 4 खाद्य अनुज्ञप्ति/पंजीयन निलंबित किए गए।
पनीर और एनालॉग पनीर पर विशेष निगरानी
31 जुलाई 2026 के बाद पनीर एवं एनालॉग पनीर को लेकर लिए गए निर्णय के अनुपालन में विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 81 नमूने लिए गए, जिनमें 64 विधिक और 17 सर्विलांस नमूने शामिल हैं।
महासमुंद में एनालॉग पनीर का एक नमूना असुरक्षित पाए जाने के बाद संबंधित फैक्ट्री को सील कर दिया गया और उसका लाइसेंस निलंबित किया गया। यहां करीब 300 किलो सामग्री नष्ट कराई गई।
बिलासपुर समेत कई जिलों में कार्रवाई
अभियान के दौरान होटल, ढाबों, मिठाई दुकानों, डेयरी, खाद्य निर्माण इकाइयों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। बिलासपुर में निम्न गुणवत्ता और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण एवं भंडारण पाए जाने पर कार्रवाई की गई। राजनांदगांव, बलौदाबाजार, कोरबा और रायपुर में भी शिकायतों एवं निरीक्षण के आधार पर नमूने लिए गए।
जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर सामग्री जब्ती, सीलिंग, नोटिस, लाइसेंस/पंजीयन निलंबन और प्रकरण दर्ज करने जैसी कार्रवाई की गई। बिलासपुर के प्रबल फूड और श्रीराम स्वीट्स नगपुरा तथा महासमुंद के वैध फूड, डामिनोज पिज्जा और दिवांश फूड समेत कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है।
होटल और कैटरिंग संचालकों को चेतावनी
विभाग ने होटल और कैटरिंग संचालकों को प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त चेतावनी दी है। उपयोग करते पाए जाने पर लाइसेंस या पंजीयन निरस्त करने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि अभियान केवल नमूने लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपभोक्ता तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना इसका उद्देश्य है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए मिठाई, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पनीर और अन्य संवेदनशील खाद्य पदार्थों पर निगरानी आगे भी जारी रहेगी। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कारोबारियों के लिए जरूरी निर्देश
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को FSSAI से मान्यता प्राप्त रंगों का ही इस्तेमाल करने, स्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण एवं भंडारण करने, खाद्य सामग्री को ढककर रखने और प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में रखने पर भी रोक संबंधी निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार पर खाद्य अनुज्ञप्ति/पंजीयन प्रदर्शित करने और बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों को तत्काल पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायत के लिए हेल्पलाइन: 9340597097
विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


