खबर वर्ल्ड न्यूज़ – खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। करीब 18 साल पुराना जर्जर पंचायत भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय सरपंच और सचिव भवन के अंदर मौजूद थे। भवन का एक हिस्सा गिरते ही दोनों को खतरे का अंदेशा हुआ और वे तुरंत बाहर निकल आए। उनके बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद पूरा भवन मलबे में तब्दील हो गया। राहत की बात है कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, कुकुरमुड़ा पंचायत भवन का निर्माण वर्ष 2008 में हुआ था। भवन की हालत लंबे समय से जर्जर थी और दीवारों समेत कई हिस्सों में दरारें व खराब स्थिति दिखाई दे रही थी। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नए भवन की मांग भी लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
रविवार को पंचायत का कामकाज चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा अचानक गिर गया। सरपंच और सचिव तत्काल बाहर निकल गए। उनके बाहर आते ही कुछ क्षण बाद पूरा भवन ढह गया। यदि दोनों समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मलबे में दबे सरकारी दस्तावेज
पंचायत भवन के ढहने से अंदर रखा महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेज भी मलबे में दब गए हैं। अब पंचायत के सामने जरूरी फाइलों और दस्तावेजों को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती है। मलबा हटने के बाद ही पता चल सकेगा कि कितने रिकॉर्ड सुरक्षित हैं और कितने क्षतिग्रस्त हुए हैं।
जर्जर भवन को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन की जर्जर हालत लंबे समय से सामने थी और नए भवन की मांग भी की जा रही थी। इसके बावजूद पुराने भवन को खाली कराने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नए पंचायत भवन की व्यवस्था करने और मलबे में दबे सरकारी रिकॉर्ड को सुरक्षित निकालने की मांग की है। घटना ने जर्जर सरकारी भवनों की समय पर जांच और मरम्मत की जरूरत को भी उजागर किया है।


