हरियाली और समृद्धि का पर्व हरेली, गांव-गांव में सजेगा पारंपरिक उत्सव
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष पाठक-मुंगेली। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और प्रकृति से जुड़ा प्रमुख पर्व हरेली आज पूरे मुंगेली जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सावन मास में आने वाला यह पर्व किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। हरेली के अवसर पर किसान अपने कृषि कार्य में उपयोग होने वाले हल, कुदाल, फावड़ा, बैलगाड़ी सहित विभिन्न कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना करेंगे। हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इस दिन घर-आंगन की साफ-सफाई कर नीम की पत्तियां लगाने की परंपरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पारंपरिक तरीके से पर्व मनाते हुए अपने कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। वहीं घरों में गुलगुला भजिया, चीला सहित पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं।
मुंगेली जिले के गांवों में हरेली को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है। किसान वर्षभर खेती-किसानी में साथ देने वाले अपने औजारों और पशुधन की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेते हैं। कई स्थानों पर गेड़ी चढ़ने, पारंपरिक खेलकूद और लोक संस्कृति से जुड़े आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बनते हैं। हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि किसान, खेत, प्रकृति और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। बारिश के मौसम में चारों ओर फैली हरियाली के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व नई फसल, खुशहाली और समृद्धि की उम्मीद लेकर आता है।
हरेली के अवसर पर जिले के ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए लोग एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देंगे। बच्चों और युवाओं में भी गेड़ी एवं पारंपरिक खेलों को लेकर खासा उत्साह रहेगा। इस दौरान गांवों में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिलेगी। हरेली के साथ ही त्योहारों का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। आने वाले दिनों में नागपंचमी और रक्षाबंधन जैसे पर्व मनाए जाएंगे, जिससे जिले में उत्सव और उल्लास का माहौल और भी बढ़ेगा।


