नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं को SC ने खारिज कर दिया है। ये याचिकाएं ईडी और राज्य सरकार की तरफ से दायर की गई थी।
मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने नियमित रूप से जमानत को चुनौती देने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि केवल कानूनी त्रुटि वाला जमानत आदेश किसी आरोपी की स्वतंत्रता रद्द करने का पर्याप्त आधार है या नहीं, इस पर विचार की आवश्यकता है। वैसे शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट की ओर से राज्य पुलिस की जांच एजेंसी (ईओडब्ल्यू) के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटा दिया।
इससे पहले दो जनवरी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा ने ईडी और ईओडब्ल्यू / एसीबी की तरफ से दर्ज दोनों मामलों में चैतन्य बघेल को जमानत दी थी। हाईकोर्ट में चैतन्य के वकील ने तर्क दिया था कि पिछले दो वर्षों से जांच जारी है और हाईकोर्ट ने एक सुविचारित फैसला दिया है।
बता दें कि ईडी ने चैतन्य बघेल को जुलाई और ईओडब्ल्यू ने सितंबर में गिरफ्तार किया था। एजेंसियों का आरोप है कि 2019 से 2022 के दौरान हुए इस शराब घोटाले से राज्य को भारी राजस्व घाटा हुआ। लगभग 3,500 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ, जिसमें चैतन्य पर भी करोड़ों रुपये हासिल करने का आरोप लगाया गया था।
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