खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। सदन में अविश्वास प्रस्ताव से गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत आज मीडिया के समक्ष सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सुधार जाओ तो अच्छी बात है। नहीं सुधरोगे तो हमारी सरकार आएगी, हम सुधारेंगे।
NEET की अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी के कैंपेन को लेकर कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया, श्री कुमार मेनन, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, पप्पू बंजारे, सहित कई नेताओं की मौजूदगी में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मीडिया से चर्चा की।
अविश्वास प्रस्ताव को लचर बताए जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि पता नहीं मुख्यमंत्री किस धुन में रहते हैं, किस नशे में रहते हैं। अगर अविश्वास प्रताव इतना लचर था तो 10-10 घंटा जवाब क्यों दे रहे थे। अपनी सरकार की एक उपलब्धि नहीं बताई, बस, भूपेश बघेल सरकार की बुराई बताते रहे।
नेता प्रतिपक्ष ने इसके साथ सरकार के मंत्रियों को भी आगाह करते हुए कहा कि मंत्रीगण सोंचे और दुकानदारी बंद कर दें। लोगों की गलती से सरकार बना लिए हैं। हम भी देखेंगे कितनी सीट में आएगी। मैं सब जानता हूं, कौन क्या कर रहा है। मै कहना चाहता हूं कि दुकानदारी मत चलाओ। मैं सब जानता हूं कि धान, कोयला, शराब से लेकर रेत तक कौन दुकानदारी चला रहा है।
राहुल गांधी के कैंपेन पर चर्चा करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि NEET में हुई अनियमितताओं की जानकारी देंगे। हमारे छात्रों की चीख, पीड़ा और दुख को संबल प्रदान करने राहुल गांधी दौरा कर रहे हैं। करोड़ों बच्चों के दुख को राहुल गांधी ने सुना है। महामारी के रूप में हमारे देश में ये पीड़ा है, जिसे समाप्त करना जरूरी है। 2014 से 152 पेपर लीक हो चुके हैं। ये कोई प्रशासनिक चूक नहीं हो सकती है, यह सत्ता के संरक्षण में पनपने वाली एक महामारी है।
उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों के कई सालों मेहनत की है। हमारे बच्चों के रोज के 10 घंटे की मेहनत पर पानी फिरा है। भारत के बच्चों के भविष्य को समाप्त करने का ये षड्यंत्र है। अभी के समय में 6 लाख नौकरियां हैं। 9 करोड़ युवा कतार में लगे हैं। इतनी कतार में एक-दो युवा को ही सफलता मिलती है। राहुल गांधी ने इसी को लेकर अभियान चलाया है। हम सभी को निर्देश है कि हम भी इसे अभियान के रूप में शुरू करे। शिक्षा का बाजारी कारण हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि NEET परीक्षा का परीक्षण हमने किया है। ये पूरा एग्जाम 41 लाख में होता है। उत्तराखंड में पटवारी परीक्षा 15 लाख रुपए में होती है। पूरे देश में 52 जगह पेपर लीक हुआ है। कितने सारे बच्चों ने सुसाइड किया है। आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था न हो, व्यवस्था सुधरे इसकी हम मांग कर रहे हैं। शिक्षा का बाजारीकरण बंद हो जाय। यूनिवर्सिटी में नियुक्ति खारिज हो। 125 पेपर लीक के दोषी जो भी लोग हो, उनको सजा मिले। पीड़ित छात्रों को सरकार के तरफ से मुआवजा मिले।
NEET पेपर में छत्तीसगढ़ की बच्ची ने आत्महत्या की है। यह बच्ची बहुत हताशा हो गई थी। ये सब होने के बाद नरेंद्र मोदी कैसे विश्व गुरु बनेंगे। ये बच्चे दुखी है, और पीड़ित है। भगवान इनकी रक्षा करे। जो सरकार परीक्षा के पेपर को सुरक्षा नहीं कर सकती है, देश के भविष्य को क्या खाक सुरक्षित रखेगी। एक पेकर लीक सरकार नहीं रोक पा रही है। ‘पैसा फेको, तमाशा देखो’ यही नारा है। ‘पेपर बेचो और मंत्री को बचाओ’ ये नारा है।
दिल्ली में सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी पर महंत ने कहा कि सोनम वांगचुक के दिल्ली में होने के बाद कोई वहां ध्यान नहीं दे रहा है। बाकी कोई वहां ध्यान नहीं दे रहा है। इतना बड़ा वैज्ञानिक वहाँ मर रहा है। केंद्र सरकार को पूरा संरक्षण देना चाहिए। हमारे पवन खेड़ा वहां गए थे। हम किसी चीज को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहते हैं। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा नहीं देने पर डॉ। महंत ने कहा कि वे इस्तीफा दे रहे थे, लेकिन उनको रोका गया है। क्या रोका गया है, या क्या मजबूरी है, ये तो वो ही बताएंगे।
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