खबर वर्ल्ड न्यूज-व्यास पाठक-रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज साय सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। योजना के हितग्राहियों के आंकड़ों में हेराफेरी और तीन महीने से बंद पड़े पोर्टल का मुद्दा उठाते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और अंततः सदन से वॉकआउट (बहिर्गमन) कर दिया।
आंकड़ों के जाल में उलझा मामला: जून 2026 तक की स्थिति
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने महतारी वंदन योजना का लाभ पाने वाली महिलाओं की वास्तविक संख्या और वंचितों को लेकर तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि जून 2026 तक कितनी पात्र महिलाओं को लाभ मिला और कितनों का पैसा रोका गया है।
विपक्ष के सवाल पर विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में योजना से जुड़े आधिकारिक आंकड़े पेश किए, जो इस प्रकार हैं:
शुरुआती कुल आवेदन: योजना की शुरुआत में सरकार को कुल 70,27,154 आवेदन प्राप्त हुए थे।
प्रथम किस्त के पात्र हितग्राही: जांच के बाद 70,09,658 महिलाओं को पहली किस्त का भुगतान सफलतापूर्वक किया गया था।
जून 2026 की वर्तमान स्थिति: वर्तमान में लाभ पाने वाली महिलाओं की संख्या घटकर 68,54,003 रह गई है।
योजना से बाहर हुईं महिलाएं: कुल 1,55,655 महिलाएं वर्तमान में इस सूची से बाहर हैं।
क्यों रुका महिलाओं का पैसा?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि कुल हितग्राहियों में से लगभग 2% महिलाओं की राशि ई-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण न होने के कारण रुकी हुई है। इसके अलावा अपात्र होने, आयकरदाता होने या हितग्राही की मृत्यु हो जाने के कारण नाम काटे गए हैं।
‘1.23 लाख महिलाओं की मौत’ के दावे पर तीखी बहस
सदन में हंगामा तब और बढ़ गया जब विधायक उमेश पटेल ने आंकड़ों के अंतर पर सवाल उठाया। उमेश पटेल ने दावा किया कि “मई महीने में 36,000 महिलाओं का ई-केवाईसी बाकी था और 55,000 महिलाओं के नाम काटे गए, इस लिहाज से करीब 1 लाख महिलाएं बचती हैं। तो फिर आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर क्यों है?”
इस पर पलटवार करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि 1,23,000 हितग्राही महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिसके कारण यह संख्या कम हुई है।
‘पोर्टल बंद होने’ पर तीखी नोकझोंक और वॉकआउट
विधायक उमेश पटेल ने सरकार को घेरते हुए अगला सवाल दागा कि मार्च 2024 से योजना का ऑनलाइन पोर्टल बंद क्यों है? नई पात्र महिलाएं आवेदन करने के लिए भटक रही हैं, यह पोर्टल दोबारा कब खोला जाएगा?
इस सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने तंज कसते हुए कहा—
“यह सुशासन की सरकार है। हमारी सरकार बनते ही हमने महज 2 महीने के भीतर महिलाओं के खातों में पैसा ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। आप हमें सिखाने की कोशिश न करें।”
मंत्री के इस ‘सीख न देने’ वाले बयान पर विपक्ष के सदस्य भड़क उठे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और दोनों ओर से जमकर नारेबाजी होने लगी। मंत्री के जवाब को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए और आंकड़ों में विसंगति का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और नारेबाजी करते हुए बाहर चले गए। इस हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही में कुछ देर के लिए गतिरोध बना रहा।
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