खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। मुख्यमंत्री साय ने बाल श्रम मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। X पोस्ट में उन्होंने लिखा, हर बच्चे को मिले शिक्षा, सुरक्षा और सपनों को साकार करने का अवसर – यही एक संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आइए, बाल श्रम मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।
अगर इतिहास देखा जाए तो 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों ने विभिन्न विधियों से परिवार कल्याण में योगदान दिया है। ग़रीबी बाल श्रम का सबसे बड़ा कारण है। यूनिसेफ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनियाँ के विकसित और निम्न भागों के ग्रामीण और गरीब हिस्सों में बच्चों के पास कोई वास्तविक और सार्थक विकल्प नहीं है। और न ही स्कूल और शिक्षक उपलब्ध हैं। जो कि बाल श्रम के अप्राकृतिक परिणाम होते हैं। बीबीसी की रिपोर्ट, इसी तरह, गरीबी का निष्कर्ष निकालती है और भारत में बाल श्रम के कुछ कारण और भी हैं।
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