KWNS – अगरतला। गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा की व्यापक परिभाषा बताते हुए कहा कि सुरक्षित राष्ट्र का अर्थ केवल बाहरी सैन्य खतरों से रक्षा करना नहीं है, बल्कि देश को तस्करी, मानव तस्करी, नशे के कारोबार और नकली मुद्रा जैसे आंतरिक खतरों से भी मुक्त रखना है।
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा करने पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब वे “सुरक्षित देश” की बात करते हैं तो उनका आशय केवल युद्ध या बाहरी हमलों से नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हम देश को तस्करी से सुरक्षित बना सकते हैं, क्या मानव तस्करी को रोक सकते हैं, क्या युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचा सकते हैं और क्या देश की अर्थव्यवस्था को नकली मुद्रा के प्रसार से सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटना भी राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गृह मंत्री का यह दौरा राजस्थान और गुजरात की पश्चिमी सीमाओं के निरीक्षण के बाद हुआ है। जानकारी के अनुसार, वे 15 जून को पश्चिम बंगाल की सीमा का भी दौरा कर सकते हैं। त्रिपुरा सीमा पर उनके साथ खुफिया ब्यूरो और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने सीमा चौकियों की व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
इस दौरान अमित शाह ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 37वीं बटालियन में नए आवासीय परिसर तथा 97वीं बटालियन में क्वार्टर गार्ड कॉम्प्लेक्स परियोजना का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बीएसएफ जवानों की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनका योगदान अतुलनीय है और केंद्र सरकार उनके कल्याण तथा सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ देश के भीतर अपराध, अवैध तस्करी और नशे के नेटवर्क को समाप्त करना भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों के सहयोग से भारत को हर प्रकार के खतरे से सुरक्षित बनाया जा सकता है।


