खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। बीजापुर जिले के सुदूर एवं नक्सल मुफ्त कोण्डापल्ली गांव में आज इतिहास रचते हुए सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे। लगभग चार दशक तक विकास और प्रशासनिक से दूर रहे इस गांव में पहली बार शासन इतनी नजदीकी से ग्रामीणों के बीच पहुंचा। मुख्यमंत्री ने जनचौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी।
आत्मसमर्पित नक्सली दम्पत्ति के दुकान से पानी का बोतल लिया गया।
कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला कोण्डापल्ली गांव अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचे और जनचौपाल के माध्यम से उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन और आजीविका से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव से प्राप्त सभी आवेदनों और समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। दौरान विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र, जाति-निवास प्रमाण पत्र, आवास योजना, श्रम कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। ग्रामीणों के लिए यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि वर्षों तक शासन-प्रशासन की पहुंच सीमित रही, लेकिन अब विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंच रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और शासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करना है।
कोण्डापल्ली में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ और उनका उत्साह इस बात का संकेत है कि अब यह गांव विकास और विश्वास के नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। इसी दौरान मुख्यमंत्री एक छोटी किराना दुकान पर भी पहुंचे, जिसे आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती संचालित कर रहे हैं।
कभी हिंसा के रास्ते पर रहे इस दंपत्ति ने शासन की पुनर्वास नीति और प्रशासनिक सहयोग से मुख्यधारा में लौटकर स्वरोजगार का रास्ता चुना है। मुख्यमंत्री ने उनकी दुकान से पानी की बोतल खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सराहना की।


