नई दिल्ली। शहतूत गर्मियों में खूब मिलता है। सफेद, लाल, काले और गुलाबी रंग का शहतूत सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फल है। इसमें कई तरह के पौष्टिक तत्व होते हैं। रसीला और मीठे-खट्टे स्वाद वाला शहतूत तो फायदेमंद है ही, इसकी पत्तियों में भी छिपे होते हैं ढेरों लाभ। आयुर्वेद में लंबे समय से इनका उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। शहतूत की पत्तियां कैसे सेहत के लिए हैं फायदेमंद, जानिए यहां।
शहतूत में मौजूद पोषक तत्व
शहतूत (Mulberry) तेजी से बढ़ने वाला मध्यम आकार का पेड़ है। शहतूत के पेड़ की ऊंचाई आमतौर पर 10 से 15 मीटर तक हो सकती है। शहतूत को आप फ्रेश धोकर खा सकते हैं। साथ ही जूस, जेली, मुरब्बा आदि भी बनाया जाता है। शहतूत में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें ढेरों मिनरल्स, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें विटामिन C, K, A, E, फोलेट (विटामिन B9), मिनरल्स में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, नेचुरल शुगर, पानी आदि होते हैं। साथी ही कुछ शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे एंथोसायनिन (Anthocyanins), रेस्वेराट्रॉल (Resveratrol), फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स भी पाए जाते हैं।
शहतूत खाने के फायदे
पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करे।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक है शहतूत।
शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में कारगर।
खून की गुणवत्ता बनाए रखने में उपयोगी।
शहतूत की पत्तियों में मौजूद औषधीय गुण
विशेषज्ञों के अनुसार, शहतूत की पत्तियां भी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी मानी जाती हैं। इस फल के पत्तों में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि पाए जाते हैं। काफी लोग इन पत्तियों का इस्तेमाल हर्बल चाय, काढ़ा, हर्बल पाउडर, पारंपरिक व्यंजनों आदि बनाने में भी करते हैं।
शहतूत के पत्ते ब्लड शुगर करे कंट्रोल
शहतूत की पत्तियों में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, ये शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करने में भी सहायक हो सकती हैं। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए इन्हें उपचार का विकल्प मानने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
क्यों खास है शहतूत का पेड़?
रेशम के कीड़े इसकी पत्तियां खाते हैं।
इन्हीं पत्तियों की मदद से रेशम का उत्पादन होता है।
शहतूत की खेती ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाती है।
पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद।
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