नई दिल्ली। 4 साल पहले कोरोना महामारी से पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया था। इसमें लाखों लोगों की मौत हुई थी और करोड़ों लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हुए थे। और इलाज के दौरान ठीक भी हो गए थे लेकिन अब इन्हीं कोरोना के मरीजों पर एक चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है। जिसमें पाया गया है कि कोरोना बीमारी से ठीक होने के बाद मरीज को अलग-अलग तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा यानी कि इन लोगों को हाइपरटेंशन शुगर हार्ट प्रॉब्लम भूलने जैसी बीमारी हो गई। लेकिन कुछ पारंपरिक रेसिपी का इस्तेमाल करके इनको कंट्रोल भी किया जा रहा है महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय से संबंध शासकीय कन्या महाविद्यालय से रिसर्च करने वाली पुलकिता सिंह ने जानकारी दी।
सागर की विजिटिंग फैकल्टी और शासकीय कन्या महाविद्यालय की शोधार्थी पुलकिता सिंह गौर बताती है कि उनके रिसर्च का टॉपिक COVID-19 Adult Patients: Effect on Their Health and Nutritional Status था। जिसमें उन्होंने कोविद-19 से प्रभावित ऐसे मरीजों को सिलेक्ट किया था जिनकी उम्र 40 साल से लेकर 60 साल थी रिसर्च के लिए उन्होंने रैंडम 200 लोगों का चयन किया था जिसमें 140 पुरुष और 60 महिलाएं शामिल थी।
उन्होंने रिसर्च में पाया कि जो भी 40 से 60 साल वाले लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हुए थे उनमें वायरस का संक्रमण तो ठीक हो गया लेकिन इसके बाद अलग-अलग तरह की बीमारियां से ग्रसित हो गए जिसमें सबसे ज्यादा ऐसे लोगों को भूलने की बीमारी हो गई थी वह चीजों को जल्दी भूलने लगे थे।
मरीजों के लिए रिसर्च कर तैयार की रेसिपी
इसके अलावा कोरोना से प्रभावित मरीजो में हाइपरटेंशन बीपी सीओपीडी जैसी समस्या भी आम नजर आई थी और इन सबके बीच हार्ट प्रॉब्लम भी पीछे नहीं था। लेकिन इस पर रिसर्च करने वाली पुलकिता सिंह केवल यह पता करके नहीं रुकी कि कौन सी समस्या से जूझ रहा है बल्कि उसको ठीक कैसे किया जा सकता है उसको कंट्रोल कैसे किया जा सकता है, इस पर भी उन्होंने काम किया। अपनी 4 साल की रिसर्च के दौरान उन्होंने परंपरागत तरीके से चले आ रहे सुपर फूड स्प्राउट सत्तू जैसी चीजों में कुछ नया ऐड करके नई संभावनाएं तलाशी और इस दौरान उन्होंने 11 तरह की नई रेसिपी तैयार की और मरीजों को उनकी समस्या के हिसाब से डाइट दी। जिसमें योग से लेकर पूरा रूटीन और डाइट तैयार की। जिसका असर इन मरीजों पर देखने को मिला और बहुत सी चीज कंट्रोल में हो गई।
पुलकित्ता बताती हैं कि आज भी जिन लोगों पर उन्होंने रिसर्च की है उनमें अधिकांश लोग उनके संपर्क में है और भी उनके द्वारा बताए गए प्लान को फॉलो करते हैं। जिसमें फंक्शनल फूड, मसालेदार चिल्ली गार्लिक, बाजरा और जो रोटी, पौष्टिक बेल चंचर, सत्तू का ड्रिंक मिंट प्रीमिक्स जैसे रेसिपी शामिल थीं। पुलकिता सिंह को यह रिसर्च करवाने में उनके डॉक्टर पति आईएस गौर ने भी काफी मदद की।
Trending
- जल जीवन मिशन से बदली ग्राम कुकुरहट्टा की तस्वीर
- रक्षाबंधन के पूर्व जिला कोषालय ने किया प्रस्तुत वेतन देयकों का शत-प्रतिशत भुगतान, अधिकारी-कर्मचारियों में खुशी
- अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति मुंगेली ने धूमधाम से मनाया सावन उत्सव
- संत शिरोमणि रविदास जी की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी का कलश वितरण कार्यक्रम संपन्न
- राखी से पहले ‘विष्णु भैया’ की सौगात, प्रेम कुंवर के घर आई खुशियों की मिठास
- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल
- मुख्यमंत्री ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञान शाला
- छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर व्यापक मंथन


