खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की एक जीती-जागती तस्वीर बीजापुर जिला चिकित्सालय से सामने आई है। यहाँ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने अपनी कुशलता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए एक युवक की अत्यंत जटिल और जानलेवा सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की इस तत्परता से युवक की जान बच गई है और उसे एक नया जीवन मिला है।
क्या था मामला? (गंभीर हालत में लाया गया अस्पताल)
मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले के बेहद अंदरूनी क्षेत्र उसूर ब्लॉक के रहने वाले एक युवक को पेट में असहनीय दर्द, सूजन और उल्टी की शिकायत के बाद आपातकालीन स्थिति में जिला चिकित्सालय लाया गया था। युवक की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत उसकी जांच शुरू की।
जांच में हुआ खतरनाक बीमारी का खुलासा
अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किए गए विभिन्न पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल टेस्ट के बाद मरीज में ‘गैंग्रीनस सिग्मॉइड वॉल्वुलस’ (Gangrenous Sigmoid Volvulus) नामक बेहद गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई।
क्या होती है यह बीमारी? ‘सिग्मॉइड वॉल्वुलस’ एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें बड़ी आंत का एक हिस्सा (सिग्मॉइड कोलन) अपनी ही धुरी पर मुड़ या घूम जाता है। इसके कारण आंतों में रुकावट आ जाती है और उस हिस्से में खून का दौरा (Blood Circulation) पूरी तरह बंद हो जाता है। समय पर इलाज न मिलने से वह हिस्सा सड़ने लगता है जिसे ‘गैंग्रीन’ कहते हैं। यह स्थिति आंत के फटने और पूरे शरीर में इंफेक्शन फैलने (सेप्टीसीमिया) के कारण मरीज की मौत की वजह बन सकती है।
जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बताया सुरेश कारम को पेट दर्द, पेट फूलना, उल्टी और मल त्याग बंद होने की गंभीर शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में युवक गैंग्रीनस सिग्मॉइड वॉल्वुलस जैसी खतरनाक बीमारी से पीड़ित पाया गया, जिसमें बड़ी आंत का हिस्सा मुड़ जाने से रक्त प्रवाह रुक जाता है और आंत सड़ने लगती है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के निर्देशन में सर्जन डॉ. रवि मढ़रिया, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. नरोत्तम और स्वास्थ्य टीम ने तत्काल ऑपरेशन किया। एक्सप्लोरेटॉरी लैप्रोटॉमी प्रक्रिया के जरिए आंत के सड़े हुए हिस्से को निकालकर सफलतापूर्वक पुनः जोड़ा गया। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और जिला चिकित्सालय में उसका उपचार जारी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में बीजापुर जिला चिकित्सालय में अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी गंभीर बीमारियों का बेहतर और समय पर उपचार मिल रहा है, जिससे शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। _ डॉ रत्ना ठाकुर, सीएस बीजापुर


