नई दिल्ली। गर्मी के दिनों में गन्ना और बेल का शरबत पिया जाता है। वैसे तो दोनों ही शरीर को अंदर से ठंडा रखने का काम करते हैं। लेकिन पोषक तत्वों के मामले में दोनों में काफी अंतर देखने के लिए मिलते हैं। ऐसे में यदि गर्मी में बिना किसी नुकसान हेल्दी रहने के लिए कौन।जूस बेहतर है, यहां आप जान सकते हैं।
गर्मी के मौसम में बॉडी बहुत तेजी से डिहाइड्रेट होती है। ऐसे में तपती धूप से बेहाल शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए फ्रूट जूस बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। ऐसे में गन्ने और बेल के जूस की डिमांड काफी बढ़ जाती है। गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने का ये देसी और किफायती तरीका है।
गन्ना या बेल कौन।सा जूस पीना चाहिए? जब सामने दो ऑप्शन हो तो दिमाग में ये सवाल जरूर उठता है कि कौन सा ज्यादा बेस्ट है। गन्ना और बेल दोनों ही विटामिन सी, विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, और मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं।
बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए बेल और गन्ना दोनों ही फायदेमंद साबित होते हैं। ये नेचुरल एनर्जी ड्रिंक हैं जो बाजार में बिकने वाले पैक्ड फ्रूट जूस, एनर्जी ड्रिंक से ज्यादा सुरक्षित होते हैं। इसका रोजाना नियंत्रित मात्रा में सेवन किया जा सकता है।
गन्ना और बेल दोनों में ही नेचुरल शुगर होता है, जिससे इन्हें थकान, कमजोरी होने पर पीने से तुरंत राहत और एनर्जी मिलती है। साथ ही इससे बॉडी भी डिटॉक्स होती रहती है जो कि सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है।
गर्मी में पेट खराब होने की समस्या बहुत होती है, ऐसे में डायरिया होने पर गन्ने या बेल का शरबत पीना चाहिए। इसमें एंटी बैक्टीरिया गुण होते हैं, जिससे पाचन की अशुद्धियां आसनी से दूर हो जाती है।
त्वचा के लिए भी फायदेमंद। गन्ना और बेल का जूस सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं बल्कि ऊपर भी रक्षाकवच की तरह काम करता है। इनमें एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से भी बचाते हैं। यहां तक कि यदि आपको सनबर्न हो गया है तो इनके शरबतों को प्रभावित जगह पर लगा भी सकते हैं। इससे त्वचा जल्दी रिकवर होती है।
फायदों के साथ ही दोनों के नुकसान भी हैं। यदि आप ज्यादा मात्रा में गन्ने या बेल का शरबत पीते हैं, तो इससे वजन बढ़ने, दांतों में कैविटी होने और लो ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है। आमतौर पर डायबिटीज पेशेंट को गन्ने का शरबत नहीं पिना चाहिए। क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा बेल से ज्यादा होती है। इसके साथ ही जूस बनाने के दौरान साफ।सफाई की कमी के कारण इसके सेवन से फूड प्वॉइजिंग हो सकता है।
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