KWNS – व्यास पाठक, रायपुर l सवर्ण समन्वय समाज के प्रमुख श्री प्रमोद गौतम ने बताया की यूजीसी काला कानून भारत सरकार द्वारा छात्रों में आपसी मतभेद पैदा करने और जातियों को बांटने की मनसा से लाया गया है जो की देश की विकास के लिए घातक है। साथ ही समाज में असमानता फैलाने वाला जहर हैं। इस प्रकार के जहरीले कानून को सरकार को वापस लेना होगा। इसी बीच नीलकंठ सेवा संस्था के प्रमुख पंडित नीलकंठ त्रिपाठी महाराज ने बताया कि छ ग प्रदेश सरकार अभी तक ईडब्लूएस 10% आरक्षण लागू नहीं किया है जिससे छात्रों को लाभ नही मिल रहा है, अतः सरकार 10% EWS तत्काल लागू करे। सरकार की विभाजनकारी नीति का हम पुरजोर विरोध करते है।
इसी प्रकार उपस्थित अन्य सदस्यों ने भी अपनी-अपने विचार व्यक्त किया आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी रुपरेखा तय किया गया जिसमें महामहिम लोकपाल जी को ज्ञापन सौंपने और प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन हेतु बृहद रूप से चर्चा किया गया।आज की बैठक में रोहणी मिश्रा, करुणा पांडेय, रामप्रकाश, अमृतलाल, हरीश कपूर, अमित महाराज, स्वेत कला, पंडित अरविंद कुमार, मोरध्वज सिंह बैंस, दशरथ शुक्ला सहित अन्य समाज प्रमुख भी उपस्थित रहे। अंत में समाजसेवी डॉक्टर अजय त्रिपाठी ने सभी का आभार प्रकट किया और बताया की आगामी 17 मार्च 2026 को माननीय लाेकपाल महोदय जी को महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधान मंत्री जी के नाम पत्र देकर यूजीसी कानून संशोधन एवं ईडब्लूएस छ ग में लागू करने निवेदन पत्र प्रेषित किया जाएगा। तत्पश्चात सरकार अगर सवर्ण समन्वय समाज के हित में उचित निर्णय नहीं लेती तो सवर्ण समाज नीति अनुसार प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


