KWNS – सूत्र, प्रयागराज l प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या (18 जनवरी) को हुए विवाद का मामला अब सियासी रंग लेता दिख रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों से यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है। इसी डर से उन्होंने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।
🔹 पुलिस ने जांच तेज की
21 फरवरी को एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को पुलिस की एक टीम Varanasi पहुंची और स्थानीय पुलिस से शंकराचार्य व उनके सहयोगियों की जानकारी जुटाई। सूत्रों के अनुसार, पुलिस उनसे पूछताछ के लिए उनके आश्रम भी पहुंच सकती है और गिरफ्तारी की कार्रवाई संभव है।
🔹 यौन शोषण के आरोप
मौनी अमावस्या के विवाद के करीब 8 दिन बाद, 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत में माघ मेला 2026 और महाकुंभ 2025 के दौरान बच्चों के यौन शोषण के आरोप लगाए गए।
🔹 साजिश का आरोप, फोटो भी दिखाई
मंगलवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने मोबाइल पर एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें अजय पाल शर्मा कथित तौर पर आशुतोष महाराज के साथ जन्मदिन मनाते नजर आ रहे हैं।
शंकराचार्य का कहना है कि उनके खिलाफ कार्रवाई योजनाबद्ध है और उन्हें गो-रक्षा अभियान से पीछे हटाने के लिए पूरा तंत्र लगाया गया है, हालांकि उन्होंने कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे।


