खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने आज स्वामी आत्मानंद सरोवर (करबला तालाब) में रिटेनिंग वाल निर्माण और उद्यान सौंदर्यीकरण के विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की धीमी प्रगति को देखकर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी। महापौर ने कहा कि स्वामी आत्मानंद सरोवर में 15वें वित्त आयोग के तहत उद्यान सौंदर्यीकरण पर 1 करोड़ रुपये और रिटेनिंग वाल निर्माण पर 1 करोड़ 44 लाख रुपये की राशि 2022-23 में स्वीकृत की गई थी, लेकिन कार्यों की प्रगति बेहद धीमी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेकेदारों से समय पर कार्य करवाना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
महापौर चौबे ने कार्य स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, कार्यपालन अभियंता योजना अंशुल शर्मा सीनियर, जोन 7 कमिश्नर राकेश शर्मा और कार्यपालन अभियंता ईश्वर लाल टावरे को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों की नियमित और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी कार्य जनहित और जनसुविधा की दृष्टि से गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। निरीक्षण के दौरान स्वामी आत्मानंद वार्ड के पार्षद आनंद अग्रवाल और जोन 7 के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। महापौर ने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि उद्यान सौंदर्यीकरण कार्य के अनुबंधित ठेकेदार प्रवीण जैन और रिटेनिंग वाल निर्माण कार्य के ठेकेदार कन्हैया गुप्ता को अगले डेढ़ माह के भीतर शेष कार्य पूर्ण करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जोन 7 कार्यपालन अभियंता ईश्वर लाल टावरे ने बताया कि अब तक लगभग 40 प्रतिशत कार्य स्थल पर संपन्न हुआ है, जबकि 60 प्रतिशत कार्य शेष है। समयसीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है और संबंधित ठेकेदारों को अंतिम नोटिस भी जारी किया जा चुका है। महापौर ने निर्देश दिया कि शेष बचे सभी कार्यों को डेढ़ माह के भीतर पूर्ण कर लिया जाए।
महापौर ने यह भी कहा कि किसी भी विकास कार्य का भुगतान केवल स्थल निरीक्षण के बाद ही किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना निरीक्षण के किसी भी कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा और संबंधित ठेकेदारों को विलंब और लापरवाही के लिए काली सूची में डालकर भविष्य में ठेकेदारी से वंचित किया जा सकता है। महापौर ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में कोई लापरवाही या हीला-हवाला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करवाने के लिए पूरी तरह से मानसिक और प्रशासनिक रूप से तैयार रहें। कार्य में किसी भी प्रकार की ढील या गुणवत्ता में कमी आने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और किसी भी कार्य में देरी या गुणवत्ता में कमी न आने पाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम परियोजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्वामी आत्मानंद सरोवर में किए जा रहे रिटेनिंग वाल निर्माण और उद्यान सौंदर्यीकरण कार्य न केवल जनता के लिए सुविधाजनक होंगे, बल्कि शहर की सौंदर्य वृद्धि में भी योगदान देंगे। महापौर ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तर की हो और जनता को जल्द ही बेहतर सुविधाएं मिलें।
इस प्रकार महापौर मीनल चौबे ने स्वामी आत्मानंद सरोवर में प्रगति की समीक्षा करते हुए ठेकेदारों और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विलंब और लापरवाही किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं की जाएगी और सभी विकास कार्य निर्धारित समय में पूर्ण किए जाएंगे।
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