विधायक विक्रम शाह मंडावी ने लगाया सरकार पर गंभीर आरोप, उच्चस्तरी जांच की मांग
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। प्रतिबंधित एवं निषिद्ध सीपीआई माओवादी संगठन की गतिविधियों के विरुद्ध लगातार जारी अभियान के तहत सुरक्षा बलों द्वारा विगत दिनों वाटेवागु सीआरपीएफ कैंप थाना तर्रेम से रेखापल्ली गांव के आसपास बड़े पैमाने पर एंटी-नक्सल सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते हुए नक्सली गतिविधियों और संदिग्ध सूचना के संबंध में जानकारियाँ एकत्रित कीं। रेखापल्ली निवासी माड़वी भीमा (48 वर्ष) सर्च टीम के साथ रेखापल्ली–धामारम–कोंडापल्ली–चिंतावागु नदी तट एवं उसके आसपास के जंगल क्षेत्रों में अभियान के दौरान मौजूद रहे। सुरक्षा बलों को अभियान में बड़ी सफलता मिली और माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखी गई आईईडी, विस्फोटक सामग्री और अन्य डंप सामग्री बरामद की गई।
अभियान पूर्ण होने के पश्चात टीम 06 दिसंबर 2025 को माड़वी भीमा और बरामद सामग्री के साथ सुरक्षित रूप से वाटेवागु कैंप लौटी। रात के भोजन के बाद माड़वी भीमा टहलने के लिए बाहर निकले थे।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव के अनुसार, रात लगभग 08:30 बजे कैंप में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने माड़वी भीमा को पास के मैदान में तौलिये के सहारे फांसी पर लटका हुआ पाया। तुरंत नीचे उतारकर प्राथमिक चिकित्सा का प्रयास किया गया, किंतु परीक्षण के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई है कि अभियान के दौरान माओवादी डंप सामग्री की बरामदगी में सुरक्षा बलों की सहायता करने के कारण खुद या परिवार को नुकसान पहुंचने के डर से माड़वी भीमा ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया होगा।
घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा इनक्वेस्ट की कार्यवाही की जा रही है तथा सभी कानूनी प्रक्रियाएँ नियमानुसार जारी हैं। अब वेटावागु सीआरपीएफ कैंप में ग्राम रेकापल्ली के ग्रामीण भीमा माड़वी की मौत को लेकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने की जाँच की माँग मंडावी ने आरोप लगाया की छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में आदिवासी सुरक्षित नहीं है।छत्तीसगढ़ में लगातार आदिवासियों की हो रही जेलों और कैंपों में मौत।विधायक विक्रम मंडावी ने इस पूरे मामले में उच्चस्तरीय जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग।


