खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। थाना उसूर क्षेत्र के कर्रेगुट्टा पहाड़ स्थित ताड़पाला घाटी में नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। माओवादी विरोधी अभियान के अंतर्गत डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 205, कोबरा 210 एवं केरिपु 196 की संयुक्त टीम द्वारा ताड़पाला बेस कैंप के बाद यह दूसरा रणनीतिक कैम्प तैयार किया गया है।
दुर्गम पहाड़ी, सड़क मार्ग के अभाव, कठिन चढ़ाई, IED व एम्बुश के खतरे और पानी की कमी जैसी परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। कैम्प स्थापना से क्षेत्र में अभियानों को नई गति मिलेगी और सुरक्षा दृष्टि से बढ़त सुनिश्चित होगी। आगे चलकर इस कैंप को जंगल वारफेयर एवं उन्नत प्रशिक्षण के विशेष केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादियों के विरुद्ध संयुक्त अभियान और अधिक प्रभावी होंगे। कैंप स्थापना के दौरान निरंतर हेलीकॉप्टर सपोर्ट उपलब्ध रहा और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल पर पहुंचकर मार्गदर्शन प्रदान किया।
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 23 सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप 790 माओवादी आत्मसमर्पण, 219 माओवादी मारे गए और 1049 गिरफ्तार किए गए हैं। बस्तर संभाग में भी 210 माओवादी हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर चुके हैं। बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., आईजी केरिपु ऑप्स शालिन, व डीआईजी रेंज दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप के निर्देशन में स्थापित यह कैम्प सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में निर्णायक साबित होगा। जिले में विकास व नक्सल उन्मूलन को गति देने के उद्देश्य से “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत प्रशासनिक एवं सुरक्षा बलों का संयुक्त प्रयास लगातार जारी है।
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