खबर वर्ल्ड न्यूज-आशीष कंठले-बेमेतरा। बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम हाथाडाडू की श्रीमती प्रमिला कुर्रे आज पूरे क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की प्रतीक बनकर उभरी हैं। पहले साधारण गृहिणी के रूप में घर और खेती-बाड़ी तक सीमित रहीं प्रमिला आज एक सफल ग्रामीण व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनकी यह सफलता स्वयं सहायता समूह और बिहान योजना के माध्यम से संभव हुई, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
बिहान योजना से मिली नई राह, बदली जिंदगी
प्रमिला कुर्रे वर्ष 2016 से ‘जय सतनाम स्व-सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य हैं। उनका कहना है कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने शुरू हो गए। पहले जहाँ आर्थिक तंगी के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन था, वहीं समूह की सदस्यता ने उन्हें आत्मविश्वास, आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। समूह द्वारा प्राप्त सहायता राशि से उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय की नींव रखीकृऔर आज उसी नींव पर खड़े होकर वे सफलता की एक मिसाल बन चुकी हैं।
किराना दुकान से राइस मिल और आटा चक्की तक का सफर
बिहान योजना के अंतर्गत सीआईएफ राशि से ऋण लेकर प्रमिला ने सबसे पहले अपने घर में छोटा सा किराना दुकान प्रारंभ किया। व्यापार बढ़ा तो उन्होंने ग्राम संगठन से एमसीपी राशि और अपनी ओर से जोड़कर मिनी राइस मिल खरीदी। यह कदम उनके जीवन में बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसके बाद उन्हें पीएफएमई योजना से भी राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने आटा चक्की की खरीदी की। आज उनकी राइस मिल और चक्की से उन्हें नियमित और पर्याप्त आय प्राप्त हो रही है, जिससे वे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। धीरे-धीरे प्रमिला का कार्य पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने की ललक और जागरूकता बढ़ी है, और कई महिलाएँ उनके काम से प्रेरित होकर स्वयं सहायता समूह से जुड़ रही हैं।
सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ लेकर बदली जीवन की दिशा
प्रमिला कुर्रे को विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिला है जिनमे उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, राशन कार्ड, मनरेगा, महतारी वंदन योजना (मासिक ₹1000), प्रधानमंत्री आवास योजना (पक्का मकान स्वीकृत) इन योजनाओं ने न केवल उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाया है, बल्कि परिवार की बुनियादी जरूरतें भी सुरक्षित हुई हैं।
गांव में बढ़ी पहचान, बनी प्रेरणा की किरण
प्रमिला कुर्रे आज अपने ग्राम में बिहान योजना की सबसे सक्रिय महिला सदस्यों में से एक मानी जाती हैं। समूह की बैठकों, सामाजिक गतिविधियों और आर्थिक निर्णयों में वे अहम भूमिका निभाती हैं। उनके कार्य और सफलता ने उन्हें गांव में सम्मान दिलाया है और वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरक उदाहरण बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री को जताया आभार
अपनी सफलता का श्रेय देते हुए श्रीमती प्रमिला कुर्रे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं ने उन्हें नई दिशा दी, आत्मविश्वास दिया और परिवार को मजबूती प्रदान की। प्रमिला का कहना है कि यदि महिलाएँ स्वयं पर भरोसा करें और समूहों से जुड़कर छोटे कदम भी उठाएँ, तो वे अपने परिवार और समाज दोनों में बदलाव ला सकती हैं।
सफलता की कहानी-पूरे जिले के लिए प्रेरणा
प्रमिला कुर्रे की कहानी साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, सामूहिक सहयोग और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिले, तो ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार संभव है। आज प्रमिला न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने गांव और आसपास की महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह यात्रा जिले की अन्य महिलाओं के लिए एक चमकता हुआ उदाहरण है-कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, संकल्प और मेहनत से सफलता जरूर मिलती है।
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