खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1101.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1503.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 512.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1009.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 893.2 मि.मी., गरियाबंद में 1045.1 मि.मी., महासमुंद में 897.0 मि.मी. और धमतरी में 1029.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1112.0 मि.मी., मुंगेली में 1079.3 मि.मी., रायगढ़ में 1322.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1047.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1337.5 मि.मी., सक्ती में 1225.6 मि.मी., कोरबा में 1099.8 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1017.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 859.8 मि.मी., कबीरधाम में 770.2 मि.मी., राजनांदगांव में 914.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1338.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 814.0 मि.मी. और बालोद में 1175.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 744.3 मि.मी., सूरजपुर में 1122.6 मि.मी., बलरामपुर में 1497.7 मि.मी., जशपुर में 1039.1 मि.मी., कोरिया में 1175.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1060.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1487.7 मि.मी.,कोंडागांव जिले में 1031.3 मि.मी., कांकेर में 1253.9 मि.मी., नारायणपुर में 1317.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1452.7 मि.मी. और सुकमा में 1147.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
Trending
- छत्तीसगढ़ में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू: मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सख्त निर्देश, अब कचरा अलग न करने पर होगी कार्रवाई
- अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से मिलती है सफलता – सोनमणि बोरा
- कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
- सुशासन तिहार 2026: छत्तीसगढ़ में जनसेवा का महाअभियान, विमला बाई के सपनों को मिले ‘पक्के’ पंख
- मुचाकी देवे की मुस्कान ने बयां की बदलाव की कहानी, तत्काल मिला राशन कार्ड
- विशेष लेख : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव
- विग्रह से विश्वास” की ओर एक मजबूत कदम के तहत हमर फिट सुकमा जुम्बा अभियान
- बस्तर का बदलता चेहरा: अभावों को मात देकर चंद्रेश पात्र बने डॉक्टर, मंत्री केदार कश्यप ने कहा- “शिक्षा से संवर रहा है वनांचल”


