खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन ने बिलासपुर जिले में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बिल्हा विकासखंड के अंतर्गत अरपा नदी पर पचरीघाट बैराज निर्माण कार्य के लिए ₹64 करोड़ 75 लाख 79 हजार की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि जल संसाधन विभाग के माध्यम से स्वीकृत की गई है।
* कहां बन रहा है बैराज?
पचरीघाट बैराज बिल्हा विकासखंड के अंतर्गत स्थित अरपा नदी पर बनाया जाएगा। अरपा नदी बिलासपुर की प्रमुख जीवनदायिनी नदी है, जो शहर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कृषि, पेयजल और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
* निर्माण की जिम्मेदारी:
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मुख्य अभियंता, हसदेव कछार जल संसाधन विभाग, बिलासपुर को इस परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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परियोजना का निष्पादन जल संसाधन विभाग, महानदी भवन मंत्रालय रायपुर की निगरानी में होगा।
* परियोजना के लाभ:
* जल संरक्षण:
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बैराज बनने से नदी का जल संग्रह किया जा सकेगा जिससे वर्षा के अतिरिक्त जल को संरक्षित किया जा सकेगा।
* पेयजल आपूर्ति:
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आसपास के गांवों और बिल्हा-बिलासपुर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
* भू-जल स्तर में सुधार:
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बैराज बनने से भू-जल पुनर्भरण (Ground Water Recharge) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इलाके का गिरता जल स्तर संतुलित हो सकेगा।
* कृषि को बढ़ावा:
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बैराज से आसपास के किसानों को सिंचाई जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे साल भर खेती संभव होगी और फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी।


