खबर वर्ल्ड न्यूज–पंडरिया। दिनांक 06 जुलाई 2025 को पंडरिया अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की वर्चुअल बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपते हुए पंडरिया में नवीन सिविल कोर्ट भवन के निर्माण और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना की मांग की। यह ज्ञापन अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री क्रांति शर्मा के नेतृत्व में सौंपा गया।
2007 से जर्जर भवन में संचालित हो रहा सिविल कोर्ट
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2007 में पंडरिया में सिविल कोर्ट की स्थापना हुई थी, लेकिन विगत 18 वर्षों से यह कोर्ट तहसील कार्यालय के अंतर्गत एक अत्यंत जर्जर और असुरक्षित भवन में संचालित हो रहा है। अधिवक्ताओं ने बताया कि भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात के मौसम में छत टपकती है, दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और न्यायिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
तीन हजार से अधिक मामले लंबित
वर्तमान में पंडरिया सिविल कोर्ट में करीब 3,000 से अधिक दाण्डिक एवं सिविल वाद विचाराधीन हैं। मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए न सिर्फ एक अत्याधुनिक और सुरक्षित भवन की आवश्यकता है, बल्कि न्यायिक क्षेत्र विस्तार की दृष्टि से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना भी समय की मांग बन चुकी है।
एससी/एसटी बहुल क्षेत्र में न्याय की पहुँच बढ़ाने की आवश्यकता
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पंडरिया अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल क्षेत्र है, जहां सुलभ और शीघ्र न्याय की अत्यधिक आवश्यकता है। वर्तमान में जटिल आपराधिक या उच्च स्तरीय दीवानी मामलों के लिए लोगों को 60-70 किलोमीटर दूर कवर्धा जिला न्यायालय तक जाना पड़ता है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग को न्याय पाना बेहद कठिन हो जाता है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिवक्ता
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष क्रांति शर्मा, सचिव दीपक सोनी, उपाध्यक्ष विजय सोंड्रे, कोषाध्यक्ष महेश पटेल, वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार सिंह, नवल किशोर पांडे, भास्कर देवांगन और आशीष मिश्रा शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि न्यायिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए अधिवक्ताओं के लिए चेंबर निर्माण, पुस्तकालय और डिजिटल सुविधा युक्त कोर्ट परिसर की योजना बनाई जाए।


