वर्षभर में चार बार नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। इनमें दो गुप्त और दो प्रकट नवरात्रि होती है। प्रकट नवरात्रि में जहां मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा का महत्व है। माघ नवरात्रि की शुरुआत आज 30 जनवरी से हो चुकी है जोकि 7 फरवरी 2025 तक चलेगी। गुप्त नवरात्रि के इन 9 दिनों में देवी के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी।
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, माघ गुप्त नवरात्रि में साधक गुप्त तरीके से मनोकामना पूर्ति, मोक्ष प्राप्ति की कामना से देवी की तंत्र साधना, अराधना और पूजा पाठ करते हैं। गुप्त नवरात्रि में पूजा-पाठ के साथ ही विशेष नियमों का पालन भी करना जरूरी होता है। इन नियमों की अनदेखी करने पर इसके विपरीत फल मिलने लगते हैं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जान लीजिए कि माघ गुप्त नवरात्रि के इन नौ दिनों में साधक को किन कामों से दूरी बनानी चाहिए।
गुप्त नवरात्रि में करें इन नियमों का पालन
गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में साधक को वाद-विवाद और लड़ाई-झगड़े आदि से दूर रहना चाहिए।
व्रत रखने वाले साधकों को 9 दिनों तक बाल-दाढ़ी, मूंछ आदि नहीं बनवाने चाहिए और ना ही नाखून काटना चाहिए।
गुप्त नवरात्रि की पूजा करने वाले साधक को पूरे 9 दिनों तक चमड़े से बनी चीजों का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए।
इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गुप्त नवरात्रि के दिनों में घर का कोई भी कोना अंधेरा ना रहे। इसलिए शाम होते ही घर के सभी कमरों की लाइटें जला दें और घर को भी साफ-सुथरा रखें।
गुप्त नवरात्रि के लिए आपने जितने दिनों के व्रत का संकल्प लिया है उसे पूरा करें। बीच में व्रत नहीं तोड़ना चाहिए।
गुप्त नवरात्रि के दौरान मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन भूल कर भी ना करें। साथ ही दौरान शराब, शलजम गोभी आदि का सेवन भी वर्जित माना जाता है।
गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक को पूर्णरूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना भी जरूरी होता है। जो लोग ब्रह्मचर्य का पालन नहीं करते उन्हें पूजा का फल प्राप्त नहीं होता। साथ ही इस समय बेड, गद्दा या चापपाई पर सोने के बजाय भूमि शयन करना चाहिए।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि K.W.N.S. किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
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