Khabarworld24.com -ठंड के मौसम में खून का गाढ़ा होना हार्ट अटैक के मामलों को बढ़ाता है, और इस वर्ष अक्टूबर से जनवरी तक सरकारी 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा के माध्यम से कार्डियक अरेस्ट के 40 मामले शासकीय अस्पतालों तक पहुंचे हैं। इसके अतिरिक्त, निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे मामलों की संख्या इससे दोगुना बताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मामलों में 30% तक इजाफा हो जाता है।
संजीवनी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए मरीज:
वर्तमान में 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा ने अक्टूबर से जनवरी के बीच करीब 40 कार्डियक अरेस्ट के मामलों को सरकारी अस्पतालों में भेजा है। वहीं, निजी अस्पतालों में भी हार्ट अटैक के 50 से ज्यादा मामलों की रिपोर्ट सामने आई है। इसके साथ ही, सर्दियों में गैंगरीन (रक्त संचार में रुकावट के कारण अंगों में सड़ा हुआ संक्रमण) के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है।
ठंड में हार्ट अटैक का बढ़ता जोखिम:
ठंड के मौसम में शरीर में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है और रक्त की नलियों में सिकुड़न आ जाती है, जिससे हृदय से गुजरने वाली नसों में ब्लॉकेज होने का खतरा बढ़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में पानी कम पीने और अन्य कारणों से हार्ट अटैक का खतरा 30% तक बढ़ जाता है। इस समय में विशेष रूप से पुराने रोगियों में यह जोखिम और भी ज्यादा होता है।
108 सेवा के आंकड़े:
संजीवनी एंबुलेंस के पीआरओ अमित वर्मा ने बताया कि अक्टूबर से जनवरी तक 3,000 से ज्यादा चेस्ट पेन (सीने में दर्द) के मामलों में मरीजों को अस्पताल भेजा गया है। इनमें से कई लोग हार्ट अटैक की स्थिति में थे, जबकि कुछ अन्य शारीरिक समस्याओं से भी पीड़ित थे।
गैंगरीन और सर्दियों में बढ़ते अन्य रोग:
गैंगरीन के मामलों में भी ठंड के मौसम में वृद्धि देखी गई है। कार्डियक और पेरिफेरल सर्जन (पैर से संबंधित सर्जन) का कहना है कि सर्दियों में रक्त प्रवाह में कमी के कारण गैंगरीन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इस समस्या का समाधान सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन अगर समस्या गंभीर होती है, तो प्रभावित अंग को काटना भी पड़ सकता है।
रख-रखाव और सावधानी:
चिकित्सक सर्दियों में अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। खासतौर पर जिन लोगों को हृदय संबंधी कोई पुरानी समस्या है, उन्हें सर्दियों में अधिक सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, गर्मी में पर्याप्त पानी पीने और शारीरिक गतिविधियों को बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
सर्दी और स्वास्थ्य के बीच संबंध:
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड का मौसम सिर्फ हृदयाघात तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ावा देता है। खासतौर पर रक्त संचार में रुकावट और गैंगरीन जैसी समस्याएं सर्दी के कारण और अधिक गंभीर हो सकती हैं।
ठंड के मौसम में इन स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए नियमित जांच, सही आहार और सक्रिय जीवनशैली की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के समय में उचित चिकित्सा देखभाल और एहतियात बरतने से इन खतरों से बचा जा सकता है।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

