Khabarworld24.com -वॉशिंगटन: ग्लोबल फायरपावर (GFP) द्वारा जारी 2025 की सैन्य रैंकिंग में भारत ने अपनी ताकत को साबित करते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति का दर्जा प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में अमेरिका ने पहले स्थान पर अपनी पकड़ बनाए रखी है, जबकि रूस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर है।
प्रमुख तथ्य:
- भारत: 4वीं रैंक
- अमेरिका: 1st (शीर्ष स्थान)
- रूस: 2nd
- चीन: 3rd
- दक्षिण कोरिया: 5th (पिछले साल भी शीर्ष 5 में था)
ग्लोबल फायरपावर की रैंकिंग में पाकिस्तान इस साल तीन स्थान गिरकर 12वें स्थान पर पहुंच चुका है, जबकि पिछले साल यह 9वें स्थान पर था। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया और यूक्रेन की रैंकिंग में भी गिरावट आई है, जबकि वेनेजुएला, कजाखस्तान, और जॉर्डन की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
सैन्य ताकत के पैमाने:
ग्लोबल फायरपावर की रैंकिंग 60 से अधिक मानकों पर आधारित होती है, जिनमें सेनाओं की संख्या, हथियारों की ताकत, लॉजिस्टिक्स की क्षमता, भौगोलिक स्थिति, और आर्थिक ताकत जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इन मानकों का ध्यान रखते हुए, भारत की मजबूत सैन्य और एटमी ताकत को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिला है।
पाकिस्तान की गिरती रैंकिंग इस बात का संकेत है कि उसके पास सैन्य क्षमता में स्थिरता की कमी हो सकती है, जो उसकी पिछली रैंकिंग से गिरावट का कारण बन रही है।
अन्य देशों की रैंकिंग:
- ब्रिटेन: 6th
- फ्रांस: 7th
- जापान: 8th
- तुर्की: 9th
- इटली: 10th
भूटान इस सूची में सबसे निचले 145वें स्थान पर है, जो उसकी सीमित सैन्य शक्ति को दर्शाता है।
कुल मिलाकर:
यह रैंकिंग दिखाती है कि सैन्य ताकत केवल सैनिकों की संख्या पर निर्भर नहीं होती, बल्कि देशों की आर्थिक, भौगोलिक और सामरिक स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत की चौथी रैंक उसकी बढ़ती सैन्य ताकत और रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग हर साल सैन्य शक्तियों के बीच संतुलन को समझने का एक महत्वपूर्ण मापदंड बन चुकी है, और यह देशों की सामरिक स्थिति को समझने में मदद करती है।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

