Khabarworld24 -दिल्ली विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री अतिशी ने एक दिलचस्प पहल करते हुए चुनावी खर्च के लिए जनता से चंदा मांगने की अपील की। इस अपील के तहत उन्हें महज 4 घंटों के भीतर 10 लाख रुपये का चंदा मिला। हालांकि, इस कदम ने विपक्षी पार्टियों कांग्रेस और भाजपा का ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे आलोचना का केंद्र बना लिया।
अतिशी की चंदा अपील
अतिशी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जनता से अपील करते हुए कहा कि चुनाव लड़ना काफी खर्चीला होता है, और एक ईमानदार पार्टी के लिए यह चुनौतीपूर्ण है, जो बड़े उद्योगपतियों या कारपोरेट्स से मदद नहीं लेती। उन्होंने जनता से कहा कि जो लोग स्वच्छ राजनीति और बदलाव में विश्वास करते हैं, वे इस मुहिम में अपना योगदान दे सकते हैं। इस अपील के बाद उन्हें मात्र 4 घंटों के भीतर 10 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके समर्थकों का अच्छा-खासा समर्थन है।
4 घंटे में 10 लाख रुपये का आंकड़ा
अतिशी ने जब सोशल मीडिया पर अपनी अपील साझा की, तब उन्हें अप्रत्याशित रूप से तेजी से समर्थन मिला। मात्र 4 घंटे के भीतर देशभर से छोटे-बड़े दानदाताओं ने 10 लाख रुपये का चंदा भेजा। यह चंदा आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा समर्थन सिद्ध हुआ, क्योंकि पार्टी ने पहले से ही बड़े उद्योगपतियों से दूरी बनाकर रखी है और जनता से सीधा समर्थन प्राप्त करने पर जोर दिया है।
कांग्रेस और भाजपा की प्रतिक्रिया
इस कदम पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के नेताओं ने इसे आम आदमी पार्टी की “दोहरी राजनीति” करार दिया और आरोप लगाया कि यह एक नाटक है, क्योंकि पार्टी दावा करती है कि वह पारदर्शिता की राजनीति करती है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “आम आदमी पार्टी खुद को जनता की पार्टी बताती है, लेकिन यह सिर्फ दिखावा है। चुनावों के लिए जनता से चंदा मांगना उनकी असफलताओं को छिपाने का प्रयास है।”
वहीं कांग्रेस ने इस चंदा अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के पैसे का उपयोग चुनावी खर्चों के लिए करना गलत है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “पार्टी के पास सरकार में रहते हुए इतने संसाधन हैं कि उन्हें जनता से चंदा मांगने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।”
आम आदमी पार्टी का बचाव
आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस जैसे दल बड़े उद्योगपतियों से धन प्राप्त करते हैं, जबकि आप जनता से सीधे समर्थन प्राप्त करती है। अतिशी ने कहा, “हमारी पार्टी भ्रष्टाचार और पैसे की राजनीति के खिलाफ है। हम जनता से ही मदद मांगते हैं, क्योंकि हम उनके लिए काम कर रहे हैं। यह जनता का चुनाव है, और वे ही तय करेंगे कि उन्हें किस तरह की राजनीति चाहिए।”
आकड़ों की बात
- चंदा प्राप्ति समय: 4 घंटे
- प्राप्त चंदा: 10 लाख रुपये
- चंदा देने वाले: हजारों छोटे-बड़े दानदाता
- कांग्रेस और भाजपा की प्रतिक्रिया: तीखी आलोचना
निष्कर्ष
चुनावी राजनीति में चंदा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है, और अतिशी द्वारा इस पारदर्शी तरीके से चंदा जुटाना एक नयी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे राजनीति का एक और रंगारंग शो करार दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता इस कदम को किस प्रकार से देखती है और चुनावी नतीजों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
राजनीति में इस प्रकार के कदम पार्टी की छवि को मजबूत करने के साथ-साथ विपक्ष के लिए भी एक नई चुनौती प्रस्तुत करते हैं।
खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर-बालकृष्ण साहू

