देवउठनी एकादशी 12 नवंबर 2024 को है। इस दिन व्रत करने से जन्मों के पाप धुल जाते हैं, लेकिन एकादशी के दिन कुछ ऐसे काम हैं जो भूलकर भी नहीं करना चाहिए, लक्ष्मी जी रूठ जाती है।
* देवउठनी एकादशी व्रत के दिन क्रोध, हिंसा, चोरी, चुगली आदि नहीं करना चाहिए। एकादशी के व्रत में ये कार्य करने से प्रतिष्ठा को हानि पहुंचती है। आय पर अशुभ असर पड़ता है।
* देवउठनी एकादशी के दिन पान का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, पान का सेवन करने से व्यक्ति के मन में रजोगुण की प्रवृत्ति बढ़ती है। इसलिए देवशयनी एकादशी के दिन पान खाना वर्जित है।
* देवउठनी एकादशी का दिन स्त्रियों को बाल भूलकर भी नहीं धोना चाहिए। इस दिन नाखून काटने की भी मनाही है, इससे दोष लगता है और तरक्की रुक सकती है।
* एकादशी पर तुलसी माता व्रत रखती है। ऐसे में देवउठनी एकादशी पर तुलसी माता को जल नहीं चढ़ाएं। न ही तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ें, पहले से टुटे पत्ते का सेवन का ही पूजा में इस्तेमाल करें।
* देवउठनी एकादशी पर स्त्री प्रसंग न करें, कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए। दूसरों के घर अन्न नहीं खाएं, न ही किसी से अन्न उधार लें।

