खबर वर्ल्ड 24 नई दिल्ली ! मथुरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के प्रेस कॉन्फ्रेंस, अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हिंदुओं को लेकर दिए गए वक्तव्य, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की हालिया घटनाओं के बाद चटगांव में हिंदुओं की बड़ी रैली तथा उत्तरी अमेरिका के हिंदुओं के गठबंधन (सीओएचएनए) का कनाडा की स्थिति पर बयान; इनमें क्या समानता है? यह जानकर आपको भयमिश्रित आश्चर्य होगा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग दिखने वाली ये चारों स्थितियां दुनिया में हिन्दुओं की चिंताजनक हालात का बयान कर रहे हैं। एक दिलचस्प संयोग है कि ये चार चीजें दिवाली के आसपास घटित हुईं। यह सर्वविदित है कि दिवाली त्योहार प्रभु श्रीराम द्वारा रावण को हराकर वापस आने के बाद हुए राज्याभिषेक के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। यहां एक दिलचस्प सवाल उठता है कि उपरोक्त चार घटनाओं का ‘रामराज्य या राम-रावण युद्ध’ से क्या कोई संबंध बनता है?
‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाली बात का समर्थन
योगी की ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाली बात का समर्थन करते हुए कहा कि वास्तव में बंटेंगे तो कटेंगे का अर्थ ‘एकता की आवश्यकता है। कुछ पहले महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि ‘हम बंटेंगे तो बांटने वाले महफिल सजाएंगे’। विजयदशमी के दिन स्वयं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी अपने उद्बोधन में हिंदुओं के एक होने की बात कही। उन्होंने भी कहा कि जाति, भाषा, प्रान्त आदि के आधार पर टकराव उत्पन्न करने की कोशिशें देश में लगातार की जा रही हैं।

