आज सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ है। आज पति की लम्बी आयु के लिए महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा है जिसका शाम को पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पारण करेंगी। आज शाम 7 से रात तकरीबन 9 बजे तक देश भर में चंद्रमा दिख जाएगा। दिल्ली में चंद्रदर्शन 8.13 बजे हो सकेंगे।
मिट्टी के करवे से चंद्रदेव को दें अर्घ्य
करवा चौथ पर मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है। ऐसे में मिट्टी के करवे से चंद्रदेव को अर्घ्य देना बहुत ही शुभ माना जाता है। मिटटी का करवा गणेशजी और पृथ्वी का प्रतीक माना गया है। करवा साबुत और शुद्ध होना चाहिए। टूटा या दरार वाला करवा पूजा में अशुभ माना गया है।
करवा चौथ पर पूजन करने की दिशा
करवा चौथ पर पूजा करने में दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा करते समय देवी-देवताओं की प्रतिमा का मुख पश्चिम की ओर और पूजा करने वाली सुहागिन महिलाओं का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर करना चाहिए। उत्तर-पूर्व (ईशान) करवा चौथ की पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यह कोण पूर्व एवं उत्तर दिशा के शुभ प्रभावों से युक्त होता है।
करवा चौथ पर सास को दें ये उपहार
करवा चौथ के दिन पूजा के लिए मिट्टी के करवे के अलावा मीठा करवा भी होता है, जिसे खांड करवा भी कहा जाता है। मीठी करवा में सूखे मेवे भी होते हैं। करवा चौथ के दिन सास को शगुन के तौर पर मीठा करवा, कपड़े, शादी का सामान और कुछ पैसे उपहार में दिए जाते हैं।
करवा चौथ व्रत के नियम
* करवा चौथ पर तब तक जल ग्रहण नहीं करना चाहिए जब तक चांद के दर्शन न हो जाए और पूजा न संपन्न हो। लेकिन अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो जल ग्रहण कर सकते हैं। पत्नी का स्वास्थ्य ठीक न होने पर पति को व्रत करना चाहिए।
* करवा चौथ पर चंद्रोदय होने के पहले भगवान शिव, माता पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय भगवान की पूजा भी अवश्य करें।
* करवा चौथ पर चौथमाता की कथा का श्रवण या वाचन करने से सुहागिन महिलाओं का सुहाग हमेशा बना रहता है। चौथ की कथा सुनने पर पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में शांति और समृद्धि आती है।
करवा चौथ 2024 पूजा शुभ मुहूर्त
करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 20 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 46 मिनट लेकर शाम शाम 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
करवा चौथ व्रत के दौरान न करें ये काम
* करवा चौथ व्रत वाले दिन सुहागिनें अपने श्रृंगार में सफेद और काले रंग की वस्तु का प्रयोग न करें। सुहागिन महिलाएं यदि करवा चौथ पर इन रंगों का उपयोग करती हैं तो उनके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।
* भद्रा काल के दौरान कोई संपत्ति या व्यापार की शुरुआत या निवेश न करें।
* करवा चौथ पर पूजा के बाद जब भी कोई श्रृंगार की वस्तु बच जाती हैं, तो उसे इधर उधर न फेंकें, बल्कि उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें।
* इस दिन धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचें। साथ ही किसी से कोई भी मनमुटाव न रखें और अपशब्द न कहें।
* व्रत पारण करने के बाद तामसिक भोजन ग्रहण न करें।
शादी के बाद पहली बार रखने वाली महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत और भी खास होता है। इस दिन महिलाएं दुल्हन की तरह तैयार होकर करवा माता की पूजा करती हैं। व्रत के दौरान कुछ खास नियमों का अवश्य पालन करना चाहिए। इससे भाग्य में वृद्धि होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने पर किन नियमों का पालन करना चाहिए।
इन नियमों का करें पालन
* यदि आप शादी के बाद पहला करवा चौथ का व्रत रखी रही हैं, तो पूजा में पूरे सोलह श्रृंगार के साथ बैठना चाहिए। इस दिन शादी का जोड़ा पहनना और भी फलदायक होता है। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
* इस दिन व्रत का पारण हमेशा चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर करना चाहिए। इससे उपवास का संपूर्ण फल मिलता है।
* करवा चौथ के भोजन में भूलकर भी लहसुन प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही घर में भी इस दिन प्याज-लहसुन का उपयोग न करें।
* करवा चौथ पर करवा माता की पूजा का विधान है। इस दिन माता की पूजा और करवा चौथ की व्रत कथा अवश्य सुननी चाहिए। इससे शुभ परिणामों की प्राप्ति होती हैं।
* इस दौरान सुहागिन महिलाओं के लिए बायना जरूर निकालें। इसे देते समय उनके पैर छुएं।
* करवा चौथ पति-पत्नी के बीच प्रेम विश्वास का प्रतीक है। इस दिन किसी भी तरह की लड़ाई-झगड़ा न करें। साथ ही किसी को भी अपशब्द न बोलें।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार करवा चौथ पर अब शश, गजकेसरी योग, समसप्तक, बुधादित्य और महालक्ष्मी जैसे राजयोग रहेंगे।
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