खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-कोंडागांव। जिला मुख्यालय के मुक्तिधाम में 20 अप्रेल को कुछ लोग अपने परिजन का अस्थी संचयन के लिए आये थे, इसी दौरान उन्होने शव दाह शेड के नीचे शव को संदिग्ध अवस्था मे जलते हुये देखा जिसके शरीर पर चोट के निशान थे, जिससे उन्हे मृतक की हत्या होने और उसे जलाकर नष्ट करने का संदेह हुआ तब उन्होने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर मामले को गम्भीरता से लेते हुये मृतक को पहचान कर आरोपी को गिरफ्तार करने कोंडागांव पुलिस एवं सायबर सेल की टीम गठित कर मृतक के परिजन व आरोपी की पता तलाश में जुट गई। संदेही विजय नुरेटी को हिरासत मे लेकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि अपने प्रेमिका को मृतक प्रकाश नाग के साथ आपत्ति जनक स्थिति मे देखा, जिसके बाद उसने प्रकाश नाग की हत्या कर शव को जलाने का प्रयास किया। आरोपी से हत्या में प्रयुक्त राड, डण्डा, लोहे की पाईप व फावडा जप्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कार्यवाही उपरांत आज रविवार को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
विवेचना के कुछ घण्टे बाद आस-पास के लोगो से पूछताछ करने पर मृतक की पहचान प्रकाश नाग निवासी फरसगांव का होना पता चला। मृतक के परिजन थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराये कि प्रकाश नाग 15 दिन से विजय नुरेटी के साथ नारंगी मुक्तिधाम स्थित शौचालय आवास मे रह रहे थे। उसी के द्वारा किसी बात को लेकर प्रकाश नाग की हत्या करने की सम्भावना बताने कि प्रार्थी कि रिपोर्ट थाना कोंडागांव मे अपराध क्रमांक 121/2024 धारा 302, 201 भादवि. दर्ज कर विवेचना मे लिया गया। विवेचना से ज्ञात हुआ कि आरोपी ने प्रकाश नाग को राड, डण्डा, लोहे की पाईप व फावडा से मारकर उसकी हत्या कर दी।
मामले मे संदेही विजय नुरेटी जो कि घटना के बाद मुक्तिधाम से फरार हो गया था, संदेही विजय नुरेटी को हिरासत मे लेकर पूछताछ की गई जिस पर विजय नुरेटी बताया कि प्रकाश नाग के साथ कुछ दिन पुर्व ही दोस्ती हुयी थी। प्रकाश नाग के द्वारा आरोपी की प्रेमिका के साथ दोस्ती हो गई घटना दिनांक के एक दिन पूर्व आरोपी ने प्रकाश नाग व अपने प्रेमिका को आपत्ति जनक स्थिति मे देखा उसी समय आरोपी ने प्रकाश नाग की हत्या करने की ठानी, 19 अप्रेल को आरोपी विजय नुरेटी और प्रकाश नाग के मध्य विवाद हुआ। आरोपी ने प्रकाश नाग को राड, डण्डा, लोहे की पाईप व फावडा से मारकर उसकी हत्या कर दी रात को 03.00 बजे वापस मुक्तिधाम (शौचालय) आया और साक्ष्य मिटाने के लिये मृतक का शव के पैर को गमछा से बांधकर घसिटते हुये। शव दाह शेड के पास ले गया और उसके शव को जला दिया और वहा से भाग गया।
उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही निरीक्षक प्रहलाद यादव, उप निरीक्षक अमिताभ खाण्डेकर, सहा. उप निरीक्षक दिनेश पटेल, प्रआर 227 पन्ना देहारी, व उप निरीक्षक शाशिभूषण पटेल (सायबर सेल प्रभारी) प्रधान आरक्षक अजय बघेल आरक्षक सन्तोष कोडोपी सायबर टीम का योगदान रहा।

