खबर वर्ल्ड न्यूज-शिव तिवारी-बिलासपुर। सिम्स मेडिकल कॉलेज के दन्त चिकित्सा विभाग में डॉक्टरों ने मुँह के कैंसर जैसी घातक बीमारी को ठीक करने मे सफलता पाई। जिसमें 40 साल की युवती के मुँह का कैंसर का जटिल सर्जरी करके ठीक कर दिया है।
सिम्स के सहायक अधीक्षक डॉ.विवेक शर्मा ने बताया कि दन्त चिकित्सा विभाग में देवरी खुर्द की रहने वाली एक 40 वर्षीय युवती मुँह में छाले एवम सूजन की तकलीफ लेकर पहुंची। उसे बचपन से तम्बाखू की आदत थी। उसके मुँह की जाँच करने पर मुँह का कैंसर पाया गया। यह कैंसर अपनी एडवांस् स्टेज 4 में पहुंच चुका था। इसमें यह कैंसर जबड़े की हड्डी तक पहुंच जाता है। इसके बाद मरीज को ऑपरेशन से पहले की तैयारी एवम ऑपरेशन के बाद की जानकारी दे दी गयी। अंततः मरीज के सहमति से सर्जरी किया गया यह काफी जटिल 6-7 घंटे का ऑपरेशन होता है। इसे 3 चरण में किया गया। पहले चरण में संक्रमित जबड़े के हिस्से को वाइड मार्जिन लेकर बाहर निकाला गया। फिर दूसरे चरण में गर्दन में फैले कैंसर के भाग को काटकर बाहर निकाला गया। और तीसरे चरण में छाती के मांस को निकालकर कैंसर के हिस्से को निकालने के बाद बची हुई जगह को भरा गया। ये पूरा ऑपरेशन विभागाध्यक्ष डॉ संदीप प्रकाश के मार्गदरशन एवम उनकी टीम में शामिल चिकित्सक डॉ जंडेल सिंह ठाकुर, डॉ भूपेंद्र कश्यप, डॉ हेमलता राजमणि, डॉ प्रकाश खरे, डॉ सोनल पटेल सिस्टर ग्रेसी, उमेश साहू और ओमकार नाथ यादव के सहयोग से सफलता पूर्वक सम्पादित हुआ तथा निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ राकेश निगम एवम उनकी समस्त टीम में शामिल चिकित्सक ओ टी सिस्टर्स एवम वार्ड बॉय को जाता है।
Trending
- सेवा सेतु बना ग्रामीणों का भरोसेमंद डिजिटल सहारा
- पशुधन विकास विभाग की योजना से बदली सदाशिव कुरगुड़ की जिंदगी
- औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल: जांजगीर के प्रकाश इंडस्ट्रीज में 8 फीट की ऊंचाई से गिरकर ठेका श्रमिक की मौत
- मनरेगा और जल निधि का महासंगम: छत्तीसगढ़ के धमतरी में ‘आजीविका डबरी’ से बदल रही ग्रामीण इकॉनमी की तस्वीर
- मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 22,495 मरीजों को मिला निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी त्वरित जनसमस्या समाधान का सशक्त माध्यम: मात्र दो घंटे में पुनः सक्रिय हुआ संजुक्ता पटेल का आधार कार्ड
- बस्तर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप
- 147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

