खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-कांकेर। जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र में 07 जनवरी को भाजपा नेता स्व. असीम राय की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। जिस पर थाना पखांजूर में अपराध क्र. 04/2024 धारा 302, 34 120 (बी) भादवि एवं धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। कांकेर पुलिस की गठित एसआईटी ने आज शुक्रवार को स्व.असीम राय हत्याकाण्ड में शामिल 11 आरोपियों 01. बप्पा गांगुली पिता स्व. आशुतोष गांगुली उम्र 57 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 06 पखांजूर 02.विकास पाल पिता स्व. विजय पाल उम्र 50 वर्ष निवासी पीव्ही 31 हरिहरपुर 03. सोमेन्द्र कुमार मंडल नया बाजार पखांजूर । 04. नीलरतन मंडल उम्र 34 वर्ष प.व्ही. 125 बैकुण्ठपुर. 05. जयंत विश्वास उम्र 33 वर्ष साकिन पी.व्ही. 17 रविन्द्रनगर 06. रीपन सदियाल उम्र 42 वर्ष साकिन पी.व्ही. 36 चांदीपुर 07. सुरजीत बाला उम्र 46 वर्ष साकिन पीव्ही. 36 चांदीपुर, 08. सुमीत मांझी उम्र 32 वर्ष साकिन पी.व्ही. 36 चांदीपुर ,09. तपन मंडल उम्र 46 वर्ष साकिन पी.व्ही. 36 चांदीपुर,10. जितेन्द्र बैरागी उम्र 37 वर्ष साकिन पी.व्ही. 28 चांदीपुर। 11. गोपी दास उम्र 31 वर्ष निवासी पी.व्ही. 121 को गिरफ्तार किया है। एक फरार हत्या का आरोपी शूटर विकास तालुकदार की गिरफ्तारी के लिये संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इस हत्या की योजना में और भी लोगशामिल हो सकते हैं, इसलिये आपराधिक षड्यंत्र के प्रत्येक पहलू की पुलिस बारिकी से छानबीन और विवेचना कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संवेदनशील हत्याकांड के मामले में आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी हेतु बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के द्वारा कांकेर उप पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव एवं कांकेर एसपी दिव्यांग पटेल के निर्देशन में एसआईटी. का गठन किया गया था। एसआईटी. द्वारा आरोपियों की पहचान हेतु पूरे पखांजूर शहर का सीसीटीव्ही. का एवं मोबाईल कॉल डिटेल्स का अवलोकन किया तथा सैकड़ों गवाहों एवं संदेहियों से पूछताछ की जिससे हत्या के पूरे मामले में इस प्रकार के तथ्य सामने आये हैं। नगर पंचायत पखांजूर अध्यक्ष बप्पा गांगुली, पार्षद विकास पाल एवं जितेन्द्र बैरागी को असीम राय से व्यक्तिगत दुश्मनी थी। बप्पा गांगुली का अध्यक्ष पद जा सकता था। विकास पाल का अवैध लॉज टूट सकता था, और जितेन्द्र बैरागी का उसके गांव में व्यक्तिगत दुश्मनी थी, तीनों ने मिलकर भाजपा नेता स्व.असीम राय को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई, जिसमें बप्पा गांगुली और विकास पाल ने पैसों का इंतजाम एवं योजना की जिम्मेदारी लिया वहीं जितेन्द्र बैरागी को रेकी का काम दिया गया।
जितेन्द्र बैरागी ने अपने साथी तपन मंडल, सुमीत मांझी के साथ मिलकर रेकी किया एवं शार्प झूटर के लिये सुरजीत और रीपन से संपर्क किया दोनों ने इस काम के लिये सहमति दी और अपने साथी जयंत, नीलरतन एवं विकास तालुकदार को काम सौंपा। बप्पा गांगुली और विकास पाल ने सोमेन्द्र मंडल के माध्यम से पैसा करीब 07 लाख रुपये नीलरतन को भेजा जिसने उक्त पैसों से करीब 01 लाख रुपये का पिस्टल खरीदा तथा बाकी रकम आरोपियों में बांटा गया। जिसके बाद विकास तालुकदार ने अपने साथी गोपी दास के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। गोपी दास बाईक चला रहा था एवं विकास तालुकदार ने मृतक को पीछे से 7.65 एम.एम. पिस्टल से गोली मारी।

