खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। नक्सल प्रभावित जिले के रूप में पहचान रखने वाले बीजापुर से निकलकर एक जनजातीय दंपति ने अपनी संस्कृति की ताकत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। बीजापुर जिले के भानुप्रताप चिड़ियम और उनकी पत्नी साधना चिड़ियम ने अपनी पारंपरिक संस्कृति की शानदार प्रस्तुति देकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।
नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा 13 और 14 मार्च को आयोजित भव्य जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम “आदि परब 2026” में यह उपलब्धि हासिल हुई। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों सहित सीमावर्ती राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी कला, संस्कृति, परंपरागत वेशभूषा और लोक परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान आयोजित आदि परिधान (Attire) शो में बीजापुर के भानुप्रताप चिड़ियम और साधना चिड़ियम ने परधान जनजाति की पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण, वाद्ययंत्र, गीत-संगीत और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया और यह जोड़ी पूरे आयोजन में आकर्षण का केंद्र बन गई।
उनकी शानदार प्रस्तुति को देखते हुए मंच पर मौजूद लोगों ने इस जोड़ी को “पावर कपल” कहकर सराहा। अपनी परंपरा और संस्कृति को गर्व के साथ प्रस्तुत करने के लिए दोनों को आदि परब मोमेंटो और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया तथा उनकी प्रस्तुति को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर से निकलकर इस दंपति ने यह साबित किया है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यहां की जनजातीय संस्कृति और प्रतिभा देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकती है।इस अवसर पर दंपति ने संदेश दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी मूल संस्कृति, परंपरागत वेशभूषा और इतिहास को संजोकर रखना आवश्यक है, क्योंकि यही हमारी असली पहचान है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक हिना अनिमेष (IAS), आदिम जाति विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आए अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए।
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