‘हिंदू राष्ट्र अभियान’ के तहत धर्मसभा, आध्यात्मिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों का होगा आयोजन, प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
KWNS – व्यास पाठक, रायपुर l सनातन धर्म के ध्वजवाहक, राष्ट्र चेतना के प्रणेता एवं हिंदू समाज को नई दिशा देने वाले परम पूज्य अनन्त श्रीविभूषित श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर, **श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज** का पावन आगमन छत्तीसगढ़ की धरा पर होने जा रहा है। ‘हिंदू राष्ट्र अभियान’ के अंतर्गत पूज्य पाद श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य जी का यह विशेष प्रवास **21 जुलाई से 25 जुलाई 2026** तक **श्री सुदर्शन संस्थानम् (शंकराचार्य आश्रम एवं प्रांतीय कार्यालय – पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी, आनंद वाहिनी), बिलासपुर रोड, रावाँभाठा, रायपुर** में सुनिश्चित हुआ है।
इस पांच दिवसीय प्रवास के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य भगवान के श्रीमुख से धर्म, राष्ट्र, संस्कृति, गोसंरक्षण, एवं ‘हिंदू राष्ट्र’ जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेरणादायी उद्बोधन (धर्मसभा) होंगे। इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।
इस गौरवमयी आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए **पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी** की केंद्रीय व प्रांतीय कार्यकारिणी पूरी तन्मयता से जुटी हुई है। आयोजन समिति की पदाधिकारी **श्रीमती सीमा तिवारी** (राष्ट्रीय अध्यक्ष, आनंद वाहिनी – भारतवर्ष), **श्री नवनीत तिवारी** (प्रदेश अध्यक्ष, पीठ परिषद – छत्तीसगढ़) एवं **श्री आशीष दुबे** (प्रदेश अध्यक्ष, आदित्य वाहिनी – छत्तीसगढ़) ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य आचार्यश्री के दर्शन और उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं।
इस महाअभियान को सफल बनाने में प्रमुख मार्गदर्शक **श्री अवधेश नंदन श्रीवास्तव, ठाकुर सत्येंद्र प्रताप सिंह परमार, श्री उत्तम शर्मा, श्री संजय सिंह, श्री शिव गोविंद सिंह एवं श्री मारुति शर्मा** सहित पूरी कार्यकारिणी सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रही है।
आयोजन समिति के समस्त पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, मातृशक्ति, प्रबुद्ध नागरिकों एवं युवा साथियों से विनम्र आग्रह किया है कि इस ऐतिहासिक एवं राष्ट्रजागरण के महाअभियान में सपरिवार उपस्थित होकर पूज्य जगद्गुरु के दिव्य दर्शन, आशीर्वाद एवं अमृतमयी वाणी का लाभ उठाएं और राष्ट्र व संस्कृति निर्माण के इस पावन संकल्प के सहभागी बनें।


