खबर वर्ल्ड न्यूज-शिव तिवारी-बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में आ गई है, जहां जेल व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला उस समय सामने आया जब जेल के गेट पर एक आरोपी को मोबाइल फोन पर बात करते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो या दृश्य सामने आने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार मोबाइल पर बात करता दिखा आरोपी सलमान खान तालापारा क्षेत्र का रहने वाला है। वह मारपीट के एक मामले में लंबे समय से फरार था और हाल ही में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर उसे जेल लाया गया था। बताया जा रहा है कि जब उसे जेल परिसर में प्रवेश कराया जा रहा था, उसी दौरान वह पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मोबाइल फोन पर बात कर रहा था।
इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल परिसर में प्रवेश के दौरान आरोपी के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और उसे इसका उपयोग करने की अनुमति किसने दी। आमतौर पर जेल परिसर में मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, लेकिन इस मामले में नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी सलमान खान जेल गेट पर काफी आत्मविश्वास के साथ मोबाइल पर बातचीत करता नजर आया, जिससे वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि जेल गेट पर ही इस तरह की लापरवाही हो सकती है, तो अंदर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। बताया जा रहा है कि आरोपी सलमान खान पर मारपीट के मामले में पहले से कई आरोप दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया था। गौरतलब है कि हाल ही में इसी सेंट्रल जेल के भीतर एक बंदी की हत्या की घटना भी सामने आई थी, जिससे जेल प्रशासन पहले से ही सवालों के घेरे में है। अब इस नए मामले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। फिलहाल जेल प्रशासन की ओर से इस घटना पर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं पुलिस और जेल विभाग इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं कि आखिर सुरक्षा में चूक कैसे हुई और जिम्मेदारी किसकी है। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। माना जा रहा है कि जांच के बाद कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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