नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम बालों को चमकाने और हाथों को रचाने के लिए बाजार से महंगे-महंगे केमिकल वाले मेहंदी के पैकेट खरीद लाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि असली खूबसूरती और सेहत तो आपके घर के आंगन में लगे एक छोटे से पौधे में छिपी है। जी हां, हम बात कर रहे हैं पारंपरिक और पूरी तरह से नैचुरल मेंहदी की। आधुनिकता के इस दौर में जहां लोग शॉर्टकट अपना रहे हैं, वहीं बघेलखंड में आज भी दादी-नानी के जमाने का वो देसी नुस्खा जिंदा है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपके बालों को रेशमी, मजबूत और चमकदार बनाता है। आइए जानते हैं कि कैसे घर के आंगन के पत्तों से तैयार यह नैचुरल रंग बाजार के बड़े-बड़े ब्रांड्स को मात दे रहा है।
बघेलखंड की रहने वाली 88 वर्षीय सरला तिवारी लोकल 18 को बताती हैं कि उन्होंने अपने बचपन से लेकर लंबे समय तक सिर्फ घर की ताजी हरी मेंहदी के पत्तों का ही इस्तेमाल किया। नतीजा यह रहा कि उनके बाल सालों-साल सफेद नहीं हुए। आज के समय में जहां कम उम्र में ही लोगों के बाल सफेद और कमजोर होने लगे हैं, वहीं यह पारंपरिक नुस्खा बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उनके मुताबिक पहले के जमाने में बघेलखंड की महिलाएं किसी केमिकल प्रोडक्ट पर भरोसा नहीं करती थीं। वे घर के आंगन से ताजे पत्ते तोड़तीं और उसी से अपनी हथेलियों और बालों को सजाती थीं, जिससे उनके बालों की प्राकृतिक चमक हमेशा बनी रहती थी।
ऐसे तैयार करें शुद्ध देसी पेस्ट
इस शुद्ध और प्राकृतिक मेंहदी को घर पर तैयार करना और लगाना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने घर के आंगन या बगीचे में लगे मेंहदी के पौधे से ताजी पत्तियां तोड़नी होंगी। इन पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर जमी धूल-मिट्टी पूरी तरह साफ हो जाए। इसके बाद इन पत्तियों को मिक्सी या फिर पारंपरिक सिलबट्टे पर बिल्कुल थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा और एकदम बारीक पीस लें। जब यह बेहतरीन पेस्ट तैयार हो जाए, तो दस्ताने पहनकर इसे अपने साफ और सूखे बालों की जड़ों से लेकर पूरी लंबाई तक अच्छे से लगा लें। इस पेस्ट को बालों में 2 से 3 घंटे के लिए लगा रहने दें और फिर बिना किसी शैम्पू के सिर्फ सादे पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें।
घर की हरी मेंहदी का सच
आजकल बाजार में मिलने वाली पैकेट वाली मेंहदी या केमिकल डाई तुरंत गहरा रंग तो दे देती हैं लेकिन उनके अंदर अमोनिया और अन्य खतरनाक रसायन छिपे होते हैं। ये केमिकल स्कैल्प में एलर्जी पैदा करते हैं, बालों को जड़ों से कमजोर करते हैं और उन्हें हमेशा के लिए सफेद बना देते हैं। आज की पैकेट वाली मेंहदी बालों को प्राकृतिक रूप से संवारने के बजाय उन्हें रूखा, बेजान और लाल बना देती है। इसके उलट, ताजी पत्तियों से बनी मेंहदी बालों को डीप कंडीशनिंग देती है, जड़ों को मजबूत बनाती है, स्कैल्प को असली ठंडक पहुंचाती है और सिर के साथ-साथ दिमाग को भी पूरी तरह शांत और शुद्ध रखती है।
डैंड्रफ और खुजली का रामबाण इलाज
जब बालों से रूसी यानी डैंड्रफ हटाने में छाछ, दही और नींबू जैसे बड़े-बड़े घरेलू उपाय भी फेल हो जाते हैं, तब यह बारीक पिसी हुई देसी मेंहदी सबसे बड़ा हथियार बनती है। इसके प्राकृतिक गुण स्कैल्प की खुजली को तुरंत शांत करते हैं और डैंड्रफ का जड़ से खात्मा कर देते हैं। भले ही आज के आधुनिक समय में वक्त की कमी और भागदौड़ के कारण पैकेट वाली मेंहदी का चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है लेकिन सेहत और बालों की सुरक्षा के लिहाज से घर पर तैयार की गई इस नैचुरल मेंहदी का कोई मुकाबला नहीं है। तो फिर केमिकल छोड़कर आज ही अपने आंगन के पौधे से नाता जोड़ें और अपने बालों को असली कुदरती निखार दें।
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