नशे से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष पाठक-मुंगेली। समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान, एकीकृत पुनर्वास केन्द्र (नशा मुक्ति केन्द्र) द्वारा ग्राम पंचायत मोहभट्ठा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की महिलाओं (दीदियों) को नशे के दुष्परिणामों एवं इससे बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर बनाती है, उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित करती है तथा परिवार और समाज में कई प्रकार की समस्याओं को जन्म देती है। नशे के कारण घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट, अपराध तथा सामाजिक विघटन जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं।
समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि महिलाएं जागरूक होकर अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दें और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें, तो नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक सहयोग सबसे प्रभावी माध्यम हैं। परिवार, समुदाय और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से ही नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाया जा सकता है। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा, रोजगार एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा अपने परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सभी उपस्थित महिलाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, गांव और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।


