नई दिल्ली। सहजन के तना, पत्ती, जड़ और फल-हर एक चीज काफी लाभकारी है। इस वजह से सहजन की मांग हमेशा बनी रहती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सहजन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है। इसमें विटामिन बी, विटामिन बी12, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है। जिससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से छुटकारा पाया जा सकता है। सहजन पचने में आसान है और फाइबर का स्त्रोत होने के चलते पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है। डायबिटीज रोगियों के लिए यह सब्जी किसी वरदान से कम नहीं है।
सहजन का पौधा, जिसे मोरिंगा या ड्रमस्टिक के नाम से भी जाना जाता है। सहजन अपने औषधीय गुणों के कारण लंबे समय से आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी पत्तियां, फलियां, फूल, बीज और छाल तक का उपयोग विभिन्न घरेलू और पारंपरिक उपचारों में किया जाता है। यही कारण है कि सहजन को स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी पौधा माना जाता है।
आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार सहजन में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं।
सहजन का उपयोग अक्सर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियों का सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे कमजोरी और थकान जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। कई लोग इसकी पत्तियों के चूर्ण के रूप में सेवन करते हैं।
पाचन समस्या में फायदेमंद:
पारंपरिक रूप से सहजन का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं में भी किया जाता है। इसकी फलियों की सब्जी खाने से पाचन क्रिया बेहतर रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा कुछ लोग कब्ज और पेट से जुड़ी अन्य सामान्य परेशानियों में भी इसका उपयोग करते है।
सहजन की पत्तियों और फलियों को हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इनमें कैल्शियम और अन्य खनिज तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। इसी वजह से कई लोग इसे अपने नियमित आहार में शामिल करते है।
विष्णुदत्त प्रजापति बताते है कि आयुर्वेद में सहजन का उपयोग जोड़ों के दर्द और सूजन से जुड़ी समस्याओं में भी बताया गया है। इसके विभिन्न हिस्सों का प्रयोग पारंपरिक उपचारों में किया जाता रहा है। हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
सहजन के फूल और बीज भी उपयोगी माने जाते है। इनके विभिन्न उपयोगों का उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। इसके बीजों से निकाला गया तेल त्वचा और बालों की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता है। कई हर्बल उत्पादों में सहजन का उपयोग किया जाता है।
विशेषज्ञ वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति का कहना है कि सहजन पोषण से भरपूर पौधा है। लेकिन इसे किसी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यह एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ और पारंपरिक औषधीय पौधा है जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या औषधीय उपयोग से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।
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