KWNS – संतोष पाठक , मुंगेली। भीषण गर्मी के बीच आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय गेट के समीप संचालित किए जा रहे निशुल्क प्याऊ घर को क्षति पहुंचाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। समाजसेवी दिनेश साहू उर्फ बल्ला द्वारा संचालित इस प्याऊ घर को कथित रूप से मुख्यमंत्री के दौरा कार्यक्रम के दौरान हटाया गया, जिसके बाद से लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, दिनेश साहू ने अपने निजी खर्च से लगभग 30 हजार रुपये की लागत लगाकर सुसज्जित प्याऊ घर तैयार कराया था। इसमें मटके, जल भंडारण की व्यवस्था, छायादार झोपड़ी तथा अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई थी, ताकि गर्मी के मौसम में राहगीरों और ग्रामीणों को निशुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। आरोप है कि कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान संबंधित विभाग द्वारा प्याऊ घर को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि नुकसान के बाद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही दोबारा प्याऊ घर स्थापित कराने की कोई पहल की गई। परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन जल संरक्षण और पेयजल उपलब्धता को प्राथमिकता देने की बात करता है, तब जनहित में संचालित एक निशुल्क प्याऊ घर को हटाना समझ से परे है। लोगों का कहना है कि यदि किसी कारणवश प्याऊ घर को हटाना आवश्यक था, तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
इस संबंध में दिनेश साहू ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर नुकसान की भरपाई तथा पूर्व स्थान पर पुनः निशुल्क प्याऊ घर स्थापित कराने की मांग की है। वहीं क्षेत्रवासियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी में जनसेवा के इस प्रयास को नुकसान पहुंचाना संवेदनहीनता का परिचायक है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनआंदोलन की स्थिति निर्मित हो सकती है।


