खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का पीड़िया जिसे कभी नक्सली कैडरों के प्रशिक्षण मुख्यालय के रूप में जाना जाता था, अब पूरी तरह से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय आज गुरूवार काे जुड़ा जब पीड़िया में पहली बार एक मोबाइल संचार टॉवर स्थापना के साथ 15 गावों में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी आई, जो वर्षों से अब तक अलग-थलग थे। मोबाइल संचार सेवा से आपातकालीन सेवाओं, शिक्षा और बाहरी दुनिया से पीड़िया काे जुड़ने का मौका मिलेगा।
उल्लेखनिय है कि 22 जनवरी 2025 को पिड़िया में 199 वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस द्वारा सुरक्षा कैम्प की स्थापना ने क्षेत्र के सुरक्षा और विकासात्मक परिदृश्य में एक निर्णायक बदलाव की शुरुआत को चिह्नित किया। दुर्गम और अत्यधिक संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक पीड़िया और उसके आस-पास के क्षेत्रों में लगभग 60-70 आईईडी का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना था। इसके साथ ही इस क्षेत्र को सड़क मार्ग से जोड़ना एक मील का पत्थर साबित हुआ है। गांव में एक बस स्टॉप स्थापित किया गया है। जिससे पहुंच में सुधार हुआ है। आस-पास की बस्तियों के लिए एक नियमित परिवहन बिंदु बन गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का राशन अब पीड़िया से ही वितरित हो रहा है। इससे पहले ग्रामीणों को राशन के लिए गंगालूर तक यात्रा करनी पड़ती थी। अब पीडिया के आस-पास 15 गांव मोबाइल संचार सेवा से जुड़ गओ हैं।
Trending
- मुख्यमंत्री से उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने सौजन्य मुलाकात की
- बस्तर के ‘क्रीड़ा तीर्थ’ में प्रतिभा का महाकुंभ: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 संपन्न
- रायपुर अधिवक्ता संघ चुनाव 2026: अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के साथ ही कोर्ट परिसर में तेज हुई सियासी हलचल
- छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दबदबा: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिला फुटबॉल का खिताब जीता
- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: अंबिकापुर में मल्लखंभ की गूंज, 14 राज्यों के खिलाड़ियों ने दिखाया दम
- महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2.14 करोड़ की अफीम डोडा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
- बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति: बीजापुर के पालनार में ‘नियद नेल्लानार’ बनी उम्मीद की किरण, मिल रही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
- ककनार घाटी के नीचे थमा लाल आतंक का शोर, अब गूंजती है बस की हॉर्न


