खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर 31 जनवरी तक धान की खरीदी की जा रही है। इस साल बस्तर जिले में 24 लाख टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, अभी तक 22 लाख 936 हजार टन धान की खरीदी कर ली गई है। गणतंत्र दिवस, शनिवार और रविवार को अवकाश के कारण धान खरीदी बंद रहेगी। ऐसे में अब मात्र 03 दिन शेष बच गया है, और लक्ष्य से अभी भी लगभग 02 लाख क्विंटल दूर है। समर्थन मूल्य और खरीदी की सीमा बढऩे, असमय वर्षा, विधानसभा चुनाव, तीज-त्यौहार समेत कई कारणों से बस्तर जिले के 18 हजार 610 किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा समितियो के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। इस वर्ष 24 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष बस्तर जिले में 35 हजार 460 किसानों ने 19 लाख 97 हजार 140 टन धान बेचा था, इस साल अब तक 36 हजार 343 किसानों ने 22 लाख 936 टन धान बेच दिया है। गत वर्ष की तुलना में 01 लाख 77 टन धान की अधिक खरीदी हुई है। बस्तर जिले के 79 धान खरीदी केन्द्रों में से 70 खरीदी केंन्द्रों में धान बफर लिमिट से दो से तीन गुना अधिक उपार्जन कर लिया गया है। जिले में 01 लाख 39 हजार 15 टन धान का उपार्जन किया गया है, जिसमें से पंजीकृत मिलर्स द्वारा 80936 टन धान का उठाव किया गया है। केंन्द्रों में 14 लाख टन से अधिक धान जाम है। बस्तर जिले में पिछले 2-3 दिनों से मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। बादल छाए रहने से
बारिश की स भावना बनी हुई है। खुले आसमान के नीचे लाखों क्विंटल धान पड़ा है, ऐसे में खरीदी केंद्र प्रभारियों की चिंता बढ़ गई है। बारिश होने पर उपार्जन केंन्द्रों में रखे धान को भारी नुकसान की आशंका है।

