खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। देश भर के टाइगर रिजर्व की ताजा रैकिंग में इन्द्रावती टाइगर रिजर्व के पिछडऩे के बाद यहां नए सिरे से बाघों की गणना शुरू होने वाली है। धुर नक्सल प्रभावित इलाका इंद्रावती टाइगर रिजर्व पार्क में वन विभाग के लगभग 80 सदस्यीय टीम को बाघों की गणना के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा बाघ की गणना के लिए आसपास के लगभग 25 गांवों के 50 स्थानीय ग्रामीणों को भी तैयार किया जा रहा है।
पार्क प्रबंधन के अनुसार यह गणना जनवरी के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर फरवरी के अंतिम सप्ताह तक चलेगी। इसके साथ ही बाघों की गणना के लिए वाइल्ड लाइफ देहरादून के विशेषज्ञों की टीम भी पहुंच रही है। वर्तमान में इस राष्ट्रीय उद्यान में 08 से 10 बाघ होने की पुष्टि हुई है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के डीएफओ संदीप बल्गा ने बताया कि इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में जनवरी के अंतिम सप्ताह से बाघों के गणना का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। इसके लिए सभी तैयारी की जा रही है। इसके लिये देश के कई स्थानों से विशेषज्ञों की टीम पहुंच रही है। इस गणना से बहुत जल्द ही इन्द्रावती राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होने बताया कि इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना के लिए टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर जंगल में बाघों के रहवास वाले इलाके में जाकर काम करेगी। इसके अलावा टीम एक फार्मूला पर काम करेगी जिसके मुताबिक बाघ की दहाड़ के इलाके, मल और पंजों के निशान का पता लगाकर और कहां कहां पेड़ में पंजे के निशान मिले है। इसके अलावा बाघ के होने की संभावित क्षेत्र में 21 दिनों तक कैमरा लगाकर इसकी गणना की जा सकती है।

